Close Menu
Offbeat News Offbeat News
    🔴 OFFBEAT LATEST NEWS

    खीरा लोड करने के बहाने जंगल में बुलाया वाहन, साल के लट्ठे लोड करते वन विभाग ने पकड़ा

    September 20, 2026

    डीजे बंद कराने पर भड़के गणेश पूजा समिति के लोग, रामानुजगंज थाने का घेराव

    September 19, 2026

    बलरामपुर एसपी की बड़ी कार्रवाई: ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में मिले आरक्षक को सेवा से किया पृथक

    September 19, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    Offbeat News Offbeat News
    Trending
    • खीरा लोड करने के बहाने जंगल में बुलाया वाहन, साल के लट्ठे लोड करते वन विभाग ने पकड़ा
    • डीजे बंद कराने पर भड़के गणेश पूजा समिति के लोग, रामानुजगंज थाने का घेराव
    • बलरामपुर एसपी की बड़ी कार्रवाई: ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में मिले आरक्षक को सेवा से किया पृथक
    • बॉक्साइट वाहन विवाद से जुड़े रामनरेश मौत मामले में करुण डहरिया समेत तीन की जमानत खारिज
    • सुबह-सुबह तीन गाड़ियों में पहुंची ईडी की टीम, ठेकेदार संजय डालमिया के घर छापेमारी
    • डॉ. साधना कपूर के जन्मदिन पर RKDF University में रक्तदान शिविर, गौसेवा और विश्वकर्मा पूजा
    • स्वास्थ्य विभाग में बड़ा फेरबदल, 25 अधिकारियों का तबादला; बलरामपुर में भी बदली जिम्मेदारी
    • छह दिन की पूछताछ के बाद जेल पहुंचे चेतन बोरघरिया, 23 सितंबर तक न्यायिक हिरासत
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Offbeat Videos
    • 🏠 Home
    • 🚨 Crime
    • 🇮🇳 National
    • 🎓 Education
    • 🎬 Entertainment
    • ❤️ Health
    • 🌿 Life
    • 📍 State
    • 🔥 Offbeat
    • 🏛️ Politics
    • 💼 Business
    • 💰 Finance
    • 💻 Tech
    • 🏏 Sports
    • 📀 Video
    Offbeat News Offbeat News
    🟠
    • 🏠 Home
    • 🚨 Crime
    • 🇮🇳 National
    • 🎓 Education
    • 🎬 Entertainment
    • ❤️ Health
    • 🌿 Life
    • 📍 State
    • 🔥 Offbeat
    • 🏛️ Politics
    • 💼 Business
    • 💰 Finance
    • 💻 Tech
    • 🏏 Sports
    • 📀 Video
    Home»National»International»ईरान सुलग उठा: प्रदर्शनों में 217 मौतें, सड़कों पर खून और सत्ता में खौफ
    International

    ईरान सुलग उठा: प्रदर्शनों में 217 मौतें, सड़कों पर खून और सत्ता में खौफ

    Offbeat NewsBy Offbeat NewsJanuary 10, 2026
    Facebook Twitter WhatsApp Threads Copy Link
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Email WhatsApp

    नई दिल्ली, एजेंसी। ईरान इस समय अपने इतिहास के सबसे उथल-पुथल भरे दौर से गुजर रहा है। राजधानी तेहरान से लेकर प्रांतों तक फैले सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने अब हिंसक रूप ले लिया है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि सिर्फ राजधानी के कुछ अस्पतालों में ही सैकड़ों मौतें दर्ज होने के दावे सामने आ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हालिया प्रदर्शनों में कम से कम 217 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें अधिकांश की मौत गोली लगने से हुई है।

    प्रदर्शन तेज होते ही सुरक्षा बलों ने कई इलाकों में बल प्रयोग किया। गुरुवार रात हालात बेकाबू होने पर गोलीबारी की घटनाएं सामने आईं, जिसके बाद से लगातार दमनात्मक कार्रवाई जारी है। इस बीच रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक वरिष्ठ अधिकारी के बयान ने माहौल को और भयावह बना दिया। सरकारी टीवी पर दिए गए बयान में उन्होंने परिजनों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को प्रदर्शनों से दूर रखें और यदि किसी को गोली लगती है, तो शिकायत की उम्मीद न करें।

    WhatsApp Group Join Now
    Facebook Page Follow Us

    शुरुआती दिनों में खुद सरकारी तंत्र भी असमंजस में दिखा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एंटी-राइट्स पुलिस के एक अधिकारी ने स्वीकार किया कि सुरक्षा एजेंसियों को स्पष्ट दिशा नहीं मिल पा रही थी। लेकिन शुक्रवार को सामने आई खून से सनी तस्वीरों और शीर्ष नेतृत्व के सख्त बयानों ने यह संकेत दे दिया कि अब सरकार किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं है।

    सरकार ने हालात काबू में रखने के लिए देशभर में इंटरनेट और फोन सेवाओं पर लगभग पूरी तरह रोक लगा दी। दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय दबाव भी बढ़ता जा रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान में प्रदर्शनकारियों की हत्याएं जारी रहीं, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे आंदोलन मध्यम वर्गीय और शहरी इलाकों तक फैल रहा है, सरकार की प्रतिक्रिया और कठोर हो सकती है। विशेषज्ञों को आशंका है कि आने वाले दिनों में हताहतों की संख्या और बढ़ सकती है।

    ईरान पहले से ही कई मोर्चों पर संकट में है। इजराइल के साथ तनाव, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध, चरमराती अर्थव्यवस्था, बिजली-पानी की कमी और आंतरिक सत्ता संघर्ष ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। सरकार के भीतर भी मतभेद साफ नजर आ रहे हैं। राष्ट्रपति मसूद पजशकियान सार्वजनिक तौर पर नरमी का संकेत दे रहे हैं, जबकि कई मंत्री और कट्टरपंथी धड़े कठोर कार्रवाई के पक्ष में खड़े हैं। सरकार का आरोप है कि इन प्रदर्शनों के पीछे अमेरिका और इजराइल की साजिश है।

    इस बीच सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों के बीच पूर्व शाह के बेटे रजा पहलवी के समर्थन में नारे भी गूंजने लगे हैं। कुर्द बहुल इलाकों में भी विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कई प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मौजूदा हालात में उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं बचा है।

    महंगाई और बेरोजगारी ने युवाओं, खासकर GenZ, को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया है। दिसंबर 2025 में ईरानी मुद्रा रियाल ऐतिहासिक गिरावट के साथ प्रति अमेरिकी डॉलर लगभग 14.5 लाख के स्तर तक पहुंच गई। साल की शुरुआत से अब तक इसकी कीमत लगभग आधी रह गई है। हालात ऐसे हैं कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में 70 प्रतिशत से अधिक और दवाओं के दामों में करीब 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऊपर से 2026 के बजट में प्रस्तावित भारी टैक्स वृद्धि ने आम जनता के गुस्से को और भड़का दिया है।

    प्रदर्शनों के बीच सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए सख्त रुख अपनाया। उन्होंने आंदोलनों को विदेशी ताकतों द्वारा प्रायोजित बताते हुए कहा कि ईरान ऐसे तत्वों को बर्दाश्त नहीं करेगा जो देश को अस्थिर करना चाहते हैं। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी दी कि ईरान के आंतरिक मामलों में दखल न दे।

    इन बयानों के कुछ ही घंटों बाद ईरान के क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने बड़ा ऐलान कर दिया। अमेरिका में निर्वासन में रह रहे 65 वर्षीय पहलवी ने कहा कि वे देश लौटने की तैयारी कर रहे हैं और चल रहे जन आंदोलन में शामिल होंगे। सोशल मीडिया पर साझा संदेश में उन्होंने दावा किया कि ईरान में बदलाव का समय अब दूर नहीं है।

    ईरान की अर्थव्यवस्था तेल निर्यात पर अत्यधिक निर्भर है। 2024 में जहां निर्यात करीब 22 अरब डॉलर रहा, वहीं आयात 34 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गया, जिससे बड़ा व्यापार घाटा सामने आया। 2025 में प्रतिबंधों और तेल निर्यात में गिरावट के कारण यह संकट और गहराता गया। चीन, तुर्की, यूएई और इराक ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदार हैं, लेकिन प्रतिबंधों के चलते अर्थव्यवस्था को स्थिर करना चुनौती बना हुआ है।

    लगभग पांच दशकों बाद ईरान एक बार फिर ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां जनता बड़े बदलाव की मांग कर रही है। लगातार बढ़ती महंगाई, सख्त धार्मिक शासन और सीमित व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच लोग अब एक नए विकल्प की तलाश में हैं। यही वजह है कि सड़कों पर गूंज रहे नारों में सत्ता परिवर्तन की मांग अब पहले से कहीं ज्यादा तेज सुनाई दे रही है।

    ये भी पढ़िए………..

    Koderma : व्यवसायी ने की खुदकुशी, पुलिस कर रही जांच

    Post Views: 458
    iran-unrest-217-killed-amid-crackdown
    Previous ArticleKoderma : व्यवसायी ने की खुदकुशी, पुलिस कर रही जांच
    Next Article तातापानी महोत्सव 2026: मंच पर सितारे, गेट पर सख्ती, फर्जी वीआईपी पास पर जीरो टॉलरेंस
    Offbeat News
    • Website

    ऑफबीट न्यूज़ वर्ष 2022 से एक स्वतंत्र और भरोसेमंद डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म के रूप में सुधि पाठकों की सेवा कर रहा है। यह झारखंड, छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों की अहम, जमीनी और ऑफबीट खबरें निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करता है। ऑफबीट न्यूज़ का उद्देश्य जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देना और सच्ची पत्रकारिता को मजबूत करना है। इसके सीनियर एडिटर डॉक्टर अमरनाथ पाठक और रेजिडेंट एडिटर विष्णु पांडेय हैं, जिनके पास दशकों का पत्रकारिता अनुभव है। अनुभव, विश्वसनीयता और जनपक्षधर सोच के साथ ऑफबीट न्यूज़ लगातार पाठकों का भरोसा जीत रहा है।

    Related Posts

    नेपाल में बाढ़ के बाद मलबे में दबा सबसे बड़ा राज… 4 हजार लोग लापता, 161 शवों की पहचान नहीं

    September 3, 2026

    नेपाल की नदियां बनीं मौत का रास्ता, त्रिशूली-नारायणी से मिले 321 शव… 280 का DNA टेस्ट शुरू

    September 1, 2026

    नेपाल में बाढ़ के बाद नई आफत, सड़ने लगे इंसानों और पशुओं के शव… महामारी का खतरा बढ़ा

    August 30, 2026

    नेपाल में जलप्रलय का खौफनाक मंजर, 724 शव मिले… सिर्फ 22 की पहचान, बाकी का DNA बनेगा सहारा

    August 30, 2026
    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Latest News

    खीरा लोड करने के बहाने जंगल में बुलाया वाहन, साल के लट्ठे लोड करते वन विभाग ने पकड़ा

    September 20, 2026

    डीजे बंद कराने पर भड़के गणेश पूजा समिति के लोग, रामानुजगंज थाने का घेराव

    September 19, 2026

    बलरामपुर एसपी की बड़ी कार्रवाई: ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में मिले आरक्षक को सेवा से किया पृथक

    September 19, 2026

    बॉक्साइट वाहन विवाद से जुड़े रामनरेश मौत मामले में करुण डहरिया समेत तीन की जमानत खारिज

    September 19, 2026
    Latest Posts

    Offbeat News is dedicated to delivering fresh perspectives, unheard stories, and credible journalism that keeps you informed and inspired.

    We're social. Connect with us:

    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest YouTube
    Quick Links
    • Home
    • Sports
    • Health
    Follow Us
    • Facebook
    • WhatsApp
    Recent Post
    • खीरा लोड करने के बहाने जंगल में बुलाया वाहन, साल के लट्ठे लोड करते वन विभाग ने पकड़ा
    • डीजे बंद कराने पर भड़के गणेश पूजा समिति के लोग, रामानुजगंज थाने का घेराव
    • बलरामपुर एसपी की बड़ी कार्रवाई: ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में मिले आरक्षक को सेवा से किया पृथक
    • बॉक्साइट वाहन विवाद से जुड़े रामनरेश मौत मामले में करुण डहरिया समेत तीन की जमानत खारिज
    • सुबह-सुबह तीन गाड़ियों में पहुंची ईडी की टीम, ठेकेदार संजय डालमिया के घर छापेमारी
    © 2026 Designed by offbeatnews.in | An MSME-Registered News Website

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.