
बलरामपुर। जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस ने मवेशी तस्करी के एक बड़े प्रयास को नाकाम करते हुए छह आरोपितों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपित रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मवेशियों को रस्सियों से बांधकर बुचड़खाना ले जाने की तैयारी में थे, तभी पुलिस की सतर्कता से पूरा मामला उजागर हो गया।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 22 जनवरी 2026 की रात लगभग 8:30 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम भैरोपुर थानपारा में एक खेत के पास कुछ लोग अशोक लीलैंड छोटा हाथी वाहन में मवेशियों को क्रूरता पूर्वक बांधकर कटिंग के उद्देश्य से ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक जितेन्द्र जायसवाल ने हमराह स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की।
पुलिस को देखते ही आरोपित अंधेरे का लाभ उठाकर भागने लगे, लेकिन पुलिस टीम ने दौड़ाकर सभी को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपितों ने अपना नाम रमेश कुमार मरकाम उम्र 24 वर्ष निवासी सनावल बोदरापारा, अजय साण्डिल्य उम्र 21 वर्ष निवासी सनावल बोदरापारा, अशोक कुमार मानिकपुरी उम्र 28 वर्ष निवासी रेवतीपुर रामचन्द्रपुर, विकास कुमार मानिकपुरी उम्र 18 वर्ष निवासी सियाही मोड़ बसंतपुर, विष्णु भास्कर उम्र 42 वर्ष निवासी भैरोपुर शंकरगढ़ और सुरेश कुमार गुप्ता उम्र 25 वर्ष निवासी सनावल बताया।
गवाहों के समक्ष जब अशोक लीलैंड वाहन क्रमांक यूपी 64 सीटी 3834 में लदे तिरपाल को खोलकर जांच की गई, तो उसमें चार मवेशी लोड पाए गए, जिनमें से दो भैंसों के दोनों पैर प्लास्टिक की रस्सियों से बेरहमी से बांधे गए थे। मवेशियों के साथ की गई क्रूरता स्पष्ट रूप से सामने आई।
पुलिस द्वारा वाहन, चार मवेशी तथा घटना में प्रयुक्त सामग्री को विधिवत जब्त कर लिया गया। मामले में आरोपितों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 और 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(घ) के तहत अपराध क्रमांक 15/2026 पंजीबद्ध किया गया है।
सभी आरोपितों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में मवेशी तस्करों में हड़कंप मच गया है, वहीं पुलिस की तत्परता की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है।
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