
बलरामपुर, विष्णु पांडेय। अंबेडकर जयंती के अवसर पर राम सेवक गुप्ता द्वारा दिए गए बयान को लेकर ब्राह्मण समाज ने कड़ा विरोध दर्ज किया है। समाज के सदस्यों ने बैठक कर उक्त वक्तव्य की निंदा करते हुए इसे सामाजिक समरसता के खिलाफ बताया और सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण की मांग की।
मंगलवार को कन्हर नदी तट स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में सर्व ब्राह्मण समाज के लोगों ने एकमत से निंदा प्रस्ताव पारित किया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अंबेडकर जयंती जैसे सम्मानित अवसर पर किसी भी समाज विशेष को लेकर इस प्रकार की टिप्पणी करना अनुचित है और इससे समाज में वैमनस्य फैल सकता है।
बैठक में यह भी कहा गया कि इतिहास एक जटिल विषय है, जिसे तथ्यों और संतुलन के साथ प्रस्तुत किया जाना चाहिए। किसी एक समाज को दोषी ठहराना या उसके प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना सामाजिक सौहार्द के विपरीत है। सार्वजनिक मंचों से ऐसे बयान देने से बचना चाहिए, खासकर उन अवसरों पर जो एकता और प्रेरणा का संदेश देते हैं।
समाज के सदस्यों ने राम सेवक गुप्ता से अपने बयान पर पुनर्विचार कर सार्वजनिक रूप से माफी या स्पष्टीकरण देने की अपेक्षा जताई। साथ ही भविष्य में इस प्रकार के विभाजनकारी वक्तव्यों से परहेज करने की अपील की गई।
बैठक में लाल बिहारी चौबे, विकास दुबे, विपिन पाठक, प्रमोद मिश्रा, शैलेश दुबे, रमेश मिश्रा, मनोज तिवारी, उज्जवल तिवारी, दिवाकर द्विवेदी, गोरख पांडेय, विनय कुमार पांडेय, वेद प्रकाश तिवारी, रोहित चौबे, पारस पांडेय, ब्रजेश पांडेय, विष्णु पांडेय, अर्पित तिवारी और श्याम कुशल पांडेय सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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