
बलरामपुर, विष्णु पांडेय। छत्तीसगढ़ और झारखंड को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण रामानुजगंज कन्हर पुल की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। पुल के नीचे कन्हर नदी से हो रहे अवैध बालू उत्खनन के खिलाफ राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर दो ट्रैक्टर जब्त किए। कार्रवाई एसडीएम आनंद नेताम के नेतृत्व में की गई।
शिकायत मिलने पर प्रशासन ने की जांच
जानकारी के अनुसार, रामानुजगंज के कन्हर नदी में स्थित अंतरराज्यीय पुल के नीचे लंबे समय से अवैध रूप से बालू निकाले जाने की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम आनंद नेताम ने राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गठित कर मौके का निरीक्षण कराया। जांच के दौरान दो ट्रैक्टर अवैध बालू उत्खनन में लगे पाए गए, जिन्हें तत्काल जब्त कर लिया गया।
पुल की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता
एसडीएम आनंद नेताम ने कहा कि, पुल के नीचे या आसपास किसी भी प्रकार का अवैध उत्खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कनहर नदी पर बना यह पुल छत्तीसगढ़ और झारखंड के बीच आवागमन का प्रमुख मार्ग है, जहां से प्रतिदिन हजारों लोग गुजरते हैं। ऐसे में पुल की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
अवैध उत्खनन से कमजोर हो सकती है पुल की नींव
उन्होंने बताया कि लगातार बालू निकासी से पुल की नींव कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा नदी की प्राकृतिक धारा प्रभावित होने से पुल की संरचना पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है। समय रहते रोकथाम नहीं होने पर भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
अन्य लोगों की भी हो रही पहचान
कार्रवाई के दौरान संयुक्त टीम ने नदी क्षेत्र का निरीक्षण कर अवैध उत्खनन में शामिल अन्य लोगों की जानकारी भी जुटाई है। जब्त ट्रैक्टरों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। वहीं अवैध खनन से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
ग्रामीणों ने कार्रवाई का किया स्वागत
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत किया है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से पुल के नीचे अवैध बालू उत्खनन जारी था, जिससे पुल की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई थी। उन्होंने प्रशासन से नियमित निगरानी और लगातार कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
पचावल पुल की घटना से लिया गया सबक
गौरतलब है कि क्षेत्र में पहले भी अवैध रेत उत्खनन के कारण पचावल पुल को नुकसान पहुंच चुका है। ऐसे में कन्हर पुल के नीचे हो रहे अवैध उत्खनन पर की गई यह कार्रवाई समय पर उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और अवैध खनन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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