
पलामू। पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के काराकाट बन्दूवा में चाकूबाजी में जख्मी मकबूल मियां ने दम तोड़ दिया। बहनोई सुलेमान मियां और मां शाहीन बीवी का इलाज एमएमसीएच में चल रहा है।
इधर मौत होने के बाद आक्रोशित परिजन और ग्रामीणों ने शव के साथ मेदिनीनगर-चैनपुर के बीच शाहपुर में कोयल नदी पुल सड़क को एक घंटे तक जाम रखा। जाम सुबह साढ़े आठ से साढ़े नौ बजे तक रहा। जाम की सूचना मिलने पर चैनपुर के थाना प्रभारी लाल जी, सदर थाना प्रभारी अफजल अंसारी, ट्रैफिक प्रभारी रुद्रानंद सरस के अलावा कई पुलिस पदाधिकारी मौके पर पहुंचे।
चैनपुर के जिला पार्षद और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता फजायल अहमद भी आंदोलनकारियों के साथ मौजूद थे। आंदोलनकारियों ने अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। जमकर नारेबाजी की। पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाये। प्रदर्शनकारी मौके पर पुलिस अधीक्षक को बुलाने की मांग कर रहे थे। काफी समझाने और मांगो पर लिखित आश्वासन देने पर लोगों का गुस्सा शांत हुआ और डेड बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए एमएमसीएच में भेजा गया।
बताते चलें कि काराकाट बंदूआ गांव में बुधवार शाम खूनी वारदात हुई। अपराधियों ने मकबूल मियां और उसकी मां शाहीना बीबी को चाकू मार दिया था, जबकि बहनोई सुलेमान मियां को गोली मारी थी। अपराधी सुलेमान मियां की बेटी का अपहरण करने आए थे। पिछले 4 महीने से धमकी दे रहे थे।
गंभीर स्थिति में मकबूल को इलाज के लिए पहले डॉक्टर राहुल अग्रवाल के अस्पताल में ले जाया गया था, जहां उसकी गंभीर स्थिति के देखते हुए रांची रेफर कर दिया गया था। ले जाने के क्रम में रास्ते में मौत हो गई।
पुल पर जाम लगने के कारण दर्जनों वाहन फंसे रहे। दोनों छोर पर जाम लगा हुआ था। स्कूल कॉलेज जाने वाले बच्चे फंसे हुए थे। कई मरीज भी अस्पताल नहीं जा पा रहे थे। मजदूरी करने जाने वाले लोगों को भी भारी परेशानी हुई कोयल पुल से पैदल भी गुजरने नहीं दिया जा रहा था।
कोयल नदी में पानी अधिक होने के कारण नीचे से पार करना भी मुश्किल था। हालांकि इसके बाद भी कुछ लोगों ने मशक्कत कर नदी पार किया।
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