बलरामपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने बलरामपुर प्रवास के दौरान रामानुजगंज के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में साइकिल वितरण कार्यक्रम में शिरकत हुए। उन्होंने मां सरस्वती एवं छत्तीसगढ़ महतारी की छाया चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर वरिष्ट जनप्रतिनिधि सुभाष केशरी, बलरामपुर जनपद उपाध्यक्ष भानूप्रकाश दीक्षित, मंडल अध्यक्ष शर्मिला गुप्ता, पार्षद राजनाथ विश्वकर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, एडीएम देवेन्द्र प्रधान, डीईओ डी.एन. मिश्रा सहित बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे मौजूद रहे।
सर्वप्रथम स्कूली बच्चों ने स्वागत गीत की प्रस्तुती के साथ देश भक्ति गानों पर नृत्य का प्रदर्शन किया। मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान बच्चों एवं उनके अभिभावकों से भी संवाद किया। उन्होंने बच्चों से भविष्य में किस क्षेत्र में सेवाएं देना चाहतें हैं संबंधित सवाल भी पूछे। बच्चों ने सहजता एवं सरलता के साथ मंत्री द्वारा पूछे गये सवालों का जवाब भी दिया।
85 छात्राओं को मिली साइकिल
तत्पश्चात मंत्री नेताम ने शासन की महत्वाकांक्षी सरस्वती सायकल योजना के तहत कुल 85 छात्राओं को सायकल का विरतण किया। जिसमें स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय रामानुजगंज के 16, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामानुजगंज के 48 तथा शासकीय हाई स्कूल कनकपुर के 21 छात्राएं लाभान्वित हुए।
मंत्री रामविचार ने कहा कि आप सभी बच्चे देश के नागरिक हैं, आपके परिजनों को आप सभी पर गर्व है। सभी बच्चे मेहनत और परिश्रम कर अपने माता-पिता का नाम रोशन करें। इस अवसर पर नेताम ने बच्चों के उज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दी।
कृषि मंत्री रामविचार ने नगर को दी सौगात
मंत्री नेताम ने क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के संबंध में आश्वस्त करते हुए मिनी मैदान के समतलीकरण, खेल मैदान बनाने, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय रामानुजगंज में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, स्कूल में शेड निर्माण तथा शासकीय हाईस्कूल कनकपुर में सायकल स्टैण्ड एवं अहाता निर्माण की घोषणा की। घोषणा के क्रियान्वयन के लिए उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी रामानुजगंज को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिये।
साइकिल मिलने से छात्राओं के लिए शिक्षा का सफर हुआ आसान
छत्तीसगढ़ में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने छात्राओं के लिए सरस्वती साइकिल योजना की शुरूवात की है। सरस्वती साइकिल योजना के तहत 9वीं कक्षा में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य वर्ग के बीपीएल परिवार की छात्राओं को साइकिल दी जाती है। यह योजना एक ऐसी महत्वाकांक्षी योजना है जिससे न सिर्फ बेटियों को स्कूल आने-जाने में मदद मिली है बल्कि बेटियों की शिक्षा की राह आसान होती हुई है।
कनकपुर स्कूल की छात्रा अनु कुमारी ने बताया कि उनके पास साइकिल नहीं होने के कारण 5-6 किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल आती थी। जिसमे स्कूल आने में 1 घंटे का समय लग जाता था। लेकिन अब साइकिल मिलने से 15 से 20 मिनट से कम समय में स्कूल पहुंचने में आसानी होगी।
रामानुजगंज वार्ड क्रमांक 1 की 9वीं कक्षा की सुमन गुप्ता कहती है कि साइकिल नहीं होने की वजह से वे 2 किलोमीटर पैदल तय कर स्कूल आना-जाना करती थी, अब योजना अंतर्गत साइकिल मिलने से वे खुशी-खुशी स्कूल आया करेंगी। आगे कहा कि हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री ने सभी वर्गाें के हितों को ध्यान में रखकर अनेक प्रकार के योजनाएं संचालित की है और हम जैसे बच्चों के लिए साइकिल योजना से हमारी राहें आसान हुई है। उन्होंने योजना के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
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