
रांची। हिट एंड रन से जुड़े नए प्रावधानों के खिलाफ हुए वाहन चालकों के आंदोलन के थमते ही गुरुवार से राज्य की सड़कों पर बड़े वाहन दिखे। आंदोलन के दौरान राज्य के लगभग एक लाख ट्रक हड़ताल पर चले गये थे। वहीं, 90 फीसदी बसों और ऑटो का भी इस हड़ताल के दौरान बंद देखा गया था, जिससे राज्य में न सिर्फ जरूरत के सामानों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया था, बल्कि आम जनता भी आवागमन के लिए परेशान रही। अब वाहनों के सड़क पर लौटने से लोगों को राहत मिली है।
इस संबंध में रांची गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और प्रवक्ता सुनील सिंह चौहान ने कहा कि पिछले दिनों केंद्र सरकार के साथ ऑल इंडिया परिवहन कांग्रेस की बैठक हुई थी, जिसमें हिट एंड रन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गयी थी। बैठक के बाद सरकार ने आश्वासन दिया है कि सरकार कानून में सलाह लेकर बदलाव करेगी। इसके लिए सरकार बात करने के लिए तैयार है। साथ ही अलग अलग स्तरों में बात के लिए परिवहन कांग्रेस के प्रतिनिधियों को बुलाया जायेगा। इसके बाद हड़ताल वापस लेने की सहमति बनी।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने हिट एंड रन मामले में नया कानून पेश किया है, जिसके मुताबिक यदि कोई भी डंपर या ट्रक चालक किसी को कुचलकर भागता है तो उसे दस साल की सजा होगी। साथ ही सात लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जायेगा। पहले इस मामले में अभियुक्त को कुछ दिनों में जमानत मिल जाती थी और वो जेल से बाहर आ जाता था। पुराने कानून के तहत दो साल की सजा का प्रावधान था। इस नए कानून के खिलाफ 31 दिसंबर से ट्रक ड्राइवरों और बस संचालकों ने हड़ताल कर दिया।
ये भी पढ़िए…………
Jharkhand: अमार अंसारी की हत्या मामले में तीनों दोषियों को उम्रकैद

