
कोरिया। छत्तीसगढ़ में सांस्कृतिक आयोजनों की आड़ में फूहड़ता का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गरियाबंद और सूरजपुर में सामने आए आपत्तिजनक कार्यक्रमों के बाद अब कोरिया जिले से एक और शर्मनाक मामला उजागर हुआ है, जहां फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह के दौरान खुलेआम फिल्मी धुनों पर अश्लील नृत्य हुआ और सरकारी जिम्मेदारी संभालने वाला कर्मचारी मंच के सामने नोट उड़ाता नजर आया। वीडियो सामने आते ही प्रशासन हरकत में आया और तत्काल सख्त कदम उठाया गया।
फुटबॉल फाइनल के बाद बदला माहौल, स्कूल परिसर बना तमाशे का अड्डा
कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड अंतर्गत एक ग्राम पंचायत में आयोजित फुटबॉल टूर्नामेंट का समापन औपचारिक रूप से जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में संपन्न हुआ। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी अतिथि लौट गए, लेकिन रात होते-होते आयोजन का स्वरूप पूरी तरह बदल गया।
स्कूल मैदान में देर रात तक चले सांस्कृतिक कार्यक्रम में फिल्मी गानों पर नर्तकियों ने मंच संभाला, जहां मर्यादा और सामाजिक सीमाएं टूटती चली गईं। कार्यक्रम में मौजूद कुछ लोग मंच के सामने खड़े होकर नर्तकियों पर नोटों की बरसात करते दिखे।
सरकारी पद की गरिमा भूल मंच के सामने झूमता दिखा रोजगार सहायक
कार्यक्रम में मौजूद एक रोजगार सहायक का व्यवहार सबसे अधिक चर्चा में रहा। वायरल वीडियो में वह न सिर्फ नर्तकियों पर खुलेआम पैसे लुटाता दिख रहा है, बल्कि उनके साथ नाचते हुए भी नजर आया। मंच के आसपास मौजूद अन्य लोगों ने भी इस फूहड़ता में उसका साथ दिया।
बताया जा रहा है कि इसी कार्यक्रम के लिए बाहरी जिले से नाचा दल को भारी रकम देकर बुलाया गया था, जिसमें कई महिला डांसर शामिल थीं।
वीडियो वायरल होते ही प्रशासन सख्त, तत्काल कार्रवाई
सोशल मीडिया पर वीडियो के तेजी से फैलने के बाद जिला प्रशासन पर सवाल खड़े होने लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जनपद पंचायत प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित रोजगार सहायक को सेवा से हटा दिया। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी दायित्व निभाने वाले व्यक्ति से इस तरह के आचरण की कोई गुंजाइश नहीं है।

पहले भी रहा विवादों में, आरोपों की लंबी फेहरिस्त
यह पहला मौका नहीं है जब उक्त रोजगार सहायक विवादों में आया हो। इससे पहले भी उस पर सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से अवैध वसूली के आरोप लगे थे। जांच में दोष सिद्ध होने पर उसे हटाया गया था, हालांकि बाद में न्यायालय से अंतरिम राहत मिली थी।
अब एक बार फिर सार्वजनिक मंच पर की गई इस हरकत ने उसकी भूमिका और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
संस्कृति के नाम पर अश्लीलता बर्दाश्त नहीं : पूर्व विधायक
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भरतपुर सोनहत क्षेत्र के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान लोकनृत्य, नाचा और पारंपरिक सांस्कृतिक मूल्यों से है, न कि अश्लील प्रदर्शन से। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से साफ है कि प्रशासनिक नियंत्रण कमजोर पड़ा है।
ये भी पढ़िए………
मुठभेड़ में मारे गये 17 नक्सलियों का हुआ पोस्टमार्टम, भारी मात्रा में हथियार बरामद