
बलरामपुर। जिले में शासकीय कार्यों में अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर के औचक निरीक्षण के दौरान ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए पंचायत सचिव के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला पंचायत सीईओ ने निलंबन का आदेश जारी किया है।
जानकारी अनुसार, 26 दिसंबर 2025 को कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान रामानुजगंज चेकपोस्ट पर ड्यूटी में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया। निरीक्षण के समय ग्राम पंचायत विजयनगर, जनपद पंचायत रामचन्द्रपुर में पदस्थ पंचायत सचिव सिद्धार्थ शंकर हालदार निर्धारित ड्यूटी अवधि में उपस्थित नहीं पाए गए। उनकी ड्यूटी प्रातः 06:00 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक तय थी, लेकिन इस दौरान वे पूरी तरह अनुपस्थित रहे।
प्रशासनिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि पंचायत सचिव का यह आचरण कार्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता को दर्शाता है। इसे छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 के नियम 3 की उपधाराओं (1), (2) और (3) के विपरीत कदाचरण की श्रेणी में माना गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सीईओ द्वारा छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम, 1999 के नियम 4 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान सिद्धार्थ शंकर हालदार का मुख्यालय जनपद पंचायत बलरामपुर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगे भी निरीक्षण व कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी।
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