बलरामपुर, उज्जवल तिवारी। बलरामपुर जिले के जामवंतपुर करमाटांड़ में जनजाति समाज के द्वारा परंपरागत रूप से करमा तिहार का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में शामिल हुए आदिवासी जनजाति समाज के लोगों ने करम पेड़ और प्रकृति की पूजा कर मांदर की थाप पर पारंपरिक गीत गाते हुए उत्साह के साथ नृत्य भी किया। इस दौरान राजीपाढा सरना प्रार्थना सभा के कार्यकारी अध्यक्ष शंकर दयाल भगत, दिलीप रोहित, रूदेश मिंज, विनोद कुजूर, अंकित मिंज, उनेस कुजूर, रमेश मिंज, कलावती कुजूर, दिनेश मिंज, उमेश मिंज अतिथि के तौर पर राजेश यादव और मिखायल एक्का उपस्थित रहे.
परंपरागत रूप से मनाया गया करमा तिहार
इस संबंध में राजीपाढा सरना प्रार्थना सभा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष शंकर दयाल भगत ने कहा कि करमा परब हमारे जनजाति समाज में भाई और बहन का त्यौहार है करम पेड़ ने ही हम जनजातियों की सुरक्षा की थी इसलिए हम अभी कुंवार के महीने में यहां जामवंतपुर करमाटांड़ में एकत्रित होकर करमा परब मना रहे हैं.

करम परब में भाई बहन उपवास करते हैं करम कहानी सुनाया जाता है यहां करम नृत्य हो रहा है करम गीत गाया जा रहा है हमारे भाई बहन यहां उत्साह के साथ नृत्य कर रहे हैं करम पूजा के लिए हम जौ उगाते हैं और करम फूल के साथ परंपरागत रूप से पूजा करते हैं.

बलरामपुर सहित अन्य जिलों से बड़ी संख्या में शामिल हुए जनजाति समाज
करमा तिहार में बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ कुसमी चांदो वाड्रफनगर के साथ ही जशपुर और अंबिकापुर से भी बड़ी संख्या में में जनजाति समाज के लोग शामिल हुए उन्होंने इस पूरे आयोजन की सराहना की.
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