
बलरामपुर। बच्चों के अधिकारों की रक्षा और बाल विवाह की रोकथाम को लेकर जिले की विशेष ग्राम सभाओं में महत्वपूर्ण पहल की गई। आज शनिवार को जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में लोहरदगा ग्राम स्वराज्य संस्थान के ‘जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रंस’ कार्यक्रम के तहत बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान ग्राम पंचायतों को ‘बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत’ बनाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
संस्था के चाइल्ड सोशल वर्कर (सीएसडब्ल्यू) दीपक कुमार गिरी, आकाश तिवारी, सोनाली सोनी, चांदनी कुशवाहा, महिमा कुजूर और प्रिया कुमारी ने जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में सहभागिता की। उन्होंने ग्रामीणों, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय को बच्चों के मौलिक अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा बाल विवाह से होने वाले सामाजिक और कानूनी दुष्परिणामों की जानकारी दी।
ग्राम सभाओं के दौरान ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने बाल विवाह को सामाजिक कुरीति बताते हुए अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प लिया। पारित प्रस्ताव के अनुसार ग्राम पंचायतें अपने क्षेत्र में बाल विवाह की रोकथाम, बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके कल्याण के लिए समुदाय के साथ मिलकर प्राथमिकता से कार्य करेंगी।
संस्था के चाइल्ड सोशल वर्करों ने कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा और बाल विवाह की रोकथाम के लिए समाज और ग्राम सभा की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। विशेष ग्राम सभाओं में लिया गया यह संकल्प बाल विवाह के खिलाफ सामुदायिक प्रयासों को मजबूत करने के साथ बच्चों के सुरक्षित और बेहतर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


