
बलरामपुर। जिले के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र के ग्राम गम्हरिया के रोजवादामर और नारंगी क्षेत्र में 100 एकड़ से अधिक वनभूमि में पेड़ों की कटाई और कथित अतिक्रमण की तैयारी को लेकर प्रकाशित खबर के बाद वन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। ऑफबीट न्यूज ने सबसे पहले इस मामले को प्रमुखता से सामने लाया था। खबर प्रकाशित होने के बाद वन विभाग की टीम पुलिस बल के साथ आज सोमवार को मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मौजूदगी में वनभूमि को अतिक्रमण से सुरक्षित रखने को लेकर समझाइश दी।
वन विभाग और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची टीम
वन मंडलाधिकारी बलरामपुर और वन परिक्षेत्राधिकारी रामानुजगंज के निर्देश पर वन विभाग के समस्त स्टाफ ने पुलिस बल के साथ ग्राम गम्हरिया के नारंगी क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीणों की मौजूदगी में अवैध रूप से अतिक्रमण करने वालों को वनभूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं करने की स्पष्ट समझाइश दी गई।
सीमा पर तार फेंसिंग का प्रस्ताव
वनभूमि को सुरक्षित रखने के लिए विभाग की ओर से अतिक्रमित क्षेत्र की सीमा लाइन पर तार फेंसिंग कराने का प्रस्ताव भी रखा गया। विभाग का उद्देश्य क्षेत्र की स्पष्ट सीमा तय कर वनभूमि पर भविष्य में होने वाले अतिक्रमण को रोकना है। तार फेंसिंग होने के बाद क्षेत्र की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किए जाने की बात कही गई।

ग्रामीणों ने भी दिया सहयोग का भरोसा
मौके पर ग्रामीणों ने वन विभाग को सहयोग का भरोसा दिया। ग्रामीणों की ओर से कहा गया कि नारंगी क्षेत्र में ग्रामवासी अब किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं करेंगे। साथ ही विभाग के सहयोग से आगामी वर्ष में यहां वृक्षारोपण करने की बात भी कही गई, ताकि क्षेत्र को दोबारा हराभरा कर सुरक्षित रखा जा सके।
खबर के बाद हरकत में आया वन विभाग
गौरतलब है कि गम्हरिया के रोजवादामर क्षेत्र में वन विभाग द्वारा कराए गए प्लांटेशन के पेड़ों की कटाई और वनभूमि पर कथित कब्जे की तैयारी को लेकर ग्रामीणों के आरोप सामने आए थे। ग्रामीणों ने दावा किया था कि करीब 15 से 20 दिनों से पेड़ों की कटाई चल रही है और 100 एकड़ से अधिक क्षेत्र में हजारों पेड़ काटे जा चुके हैं। कई स्थानों पर मचान बनाए जाने की बात भी सामने आई थी।

मामले को ऑफबीट न्यूज ने सबसे पहले प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर सामने आने के बाद वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के साथ चर्चा की और वनभूमि को सुरक्षित रखने के लिए आगे की कार्रवाई की दिशा तय की।
वनभूमि की सुरक्षा पर विभाग का जोर
पेड़ों की कटाई और वनभूमि पर अतिक्रमण की आशंका के बाद हुई इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि विभाग अब संबंधित क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर सक्रिय हुआ है। तार फेंसिंग और आगामी वृक्षारोपण के साथ यदि नियमित निगरानी भी की जाती है तो वनभूमि को अतिक्रमण से बचाने में मदद मिल सकती है।
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