
शिमला। हिमाचल प्रदेश में बारिश और भूस्खलन से अब तक 85 लोगों की मौत हो गई है। बीते मंगलवार चंबा में बारिश के चलते सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई। इस तरह मौत का आंकड़ा 80 से 85 पहुंच गया है। वहीं, प्रदेश में भूस्खलन और बाढ़ के कारण 130 सड़कें बाधित हैं, जिन्हें खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। रास्तों के बंद होने से कई गांवों का संपर्क भी टूटा है।
मौसम विभाग ने प्रदेश में पांच अगस्त तक भारी वर्षा की आशंका जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 31 जुलाई की सुबह तक कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन के निचले व जलग्रहण क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा जताया है।
प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के करीब न जाने और मौसम अपडेट्स पर नजर रखने की सलाह दी है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 31 जुलाई को बिलासपुर, कांगड़ा, सोलन और सिरमौर में भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट रहेगा।
एक अगस्त को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सोलन में यलो और दो अगस्त को चंबा, कांगड़ा, शिमला और सिरमौर में यलो अलर्ट रहेगा। तीन अगस्त को चंबा, कांगड़ा और मंडी में यलो अलर्ट की चेतावनी जारी की गई है।
24 घंटे में वर्षा की तीव्रता में थोड़ी कमी जरूर आई है, जिससे तापमान और उमस में वृद्धि हुई है। सोलन जिले की दाड़लाघाट की दावटी पंचायत के गांव फांजी में लगातार हो रही वर्षा के कारण निर्माणाधीन मकान के पीछे जमीन धंसने से लगभग 50 फीट लंबा डंगा ढह गया, जिससे चार कमरे भी क्षतिग्रस्त हो गए।
प्रदेश में 23 से 30 जुलाई के बीच मानसून का मिला-जुला असर देखने को मिला है। इस दौरान प्रदेशभर में औसतन 69.7 मिलीमीटर वर्षा हुई है जो सामान्य 63.4 मिलीमीटर से 10 प्रतिशत अधिक है। चंबा जिले में सबसे अधिक वर्षा हुई है, जहां सामान्य 73.6 मिलीमीटर के मुकाबले 149.8 मिलीमीटर वर्षा हुई, जो 103 प्रतिशत अधिक है।
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