
सूरजपुर। जिले के विश्रामपुर में कांग्रेस का आंदोलन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज आर्म्स एक्ट की FIR वापस लेने की मांग को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव लगातार आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज भी क्रमिक भूख हड़ताल में शामिल हैं। विश्रामपुर थाने के सामने बने धरना स्थल पर बुधवार को भी बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता मौजूद रहे।
तीसरे दिन आंदोलन का स्वर और अधिक आक्रामक दिखाई दिया। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस प्रशासन पर राजनीतिक दबाव में कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि जब तक नरेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज मामला वापस नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा।
मंगलवार को आंदोलन में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी माहौल प्रभावित करने के लिए कांग्रेस नेताओं को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं की एकजुट मौजूदगी को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज है।
टीएस सिंहदेव ने पहले ही प्रशासन को कार्रवाई सुधारने के लिए समय दिया था। उनका कहना है कि नरेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज की गई FIR तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है। कांग्रेस का आरोप है कि पूरे मामले में एकतरफा कार्रवाई की गई।
हालांकि, आंदोलन के दबाव के बीच पुलिस ने नरेंद्र जैन की शिकायत पर दूसरे पक्ष के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। इसके बावजूद कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मुख्य मांग अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए धरना और अनशन जारी रहेगा।
धरना स्थल पर रातभर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौजूदगी बनी रही। कई स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी समर्थन में उपवास शुरू कर दिया है। प्रदर्शन में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, पूर्व विधायक भानू प्रताप सिंह, पारसनाथ राजवाड़े, अंबिका सिंहदेव समेत कई वरिष्ठ नेता लगातार सक्रिय हैं।
जानिए क्या है पूरा विवाद
कांग्रेस के मुताबिक, कुछ दिन पहले भाजपा कार्यकर्ता मित्तल पांडेय और कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के बीच चुनावी मुद्दे को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद भाजपा की ओर से विश्रामपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसमें नरेंद्र जैन पर कटार दिखाकर धमकाने का आरोप लगाया गया।
कांग्रेस का दावा है कि यह मामला राजनीतिक दबाव में दर्ज किया गया है और अब तक पुलिस कथित हथियार भी बरामद नहीं कर सकी है। इसी के विरोध में कांग्रेस ने विश्रामपुर थाने के सामने आंदोलन शुरू किया, जो अब तीसरे दिन भी जारी है।
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