
बलरामपुर, विष्णु पांडेय। जिले के रामानुजगंज में एक बार फिर जंगली हाथियों का आतंक देखने को मिला। अलसुबह तीन हाथियों ने वार्ड क्रमांक 1 स्थित एक फार्म हाउस में घुसकर तीन एकड़ में तैयार फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया। घटना के बाद वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार कर मुआवजा प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रामानुजगंज के वार्ड क्रमांक 1 में बुधवार तड़के जंगली हाथियों ने नुकसान पहुंचाया। जनपद पंचायत कार्यालय के पास स्थित ‘नई दुनिया’ के जिला प्रतिनिधि बैजनाथ केशरी के फार्म हाउस में तीन हाथी जंगल की ओर से फेंसिंग पार कर घुस गए और करीब तीन एकड़ में रखी गेहूं की फसल को तहस-नहस कर दिया।
जानकारी के अनुसार, घटना सुबह लगभग 3 से 4 बजे के बीच की है। उस समय खेत में कटाई के बाद रखा गया गेहूं थ्रेसिंग के लिए जमा था, लेकिन मजदूरों की कमी के कारण काम नहीं हो सका था। इसी दौरान हाथियों ने खेत में घुसकर गेहूं को खाकर और रौंदकर पूरी तरह नष्ट कर दिया। अनुमानतः 25 से 30 क्विंटल गेहूं का नुकसान हुआ है। इसके अलावा हाथियों ने केले के पौधों को भी नुकसान पहुंचाया।

घटना के समय फार्म हाउस के पास चौकीदार सो रहा था। शोर-शराबा होने पर हाथी वापस फेंसिंग पार कर जंगल की ओर लौट गए।
पीड़ित बैजनाथ केशरी ने बताया कि यह पहली घटना नहीं है। करीब दो वर्ष पूर्व भी हाथियों ने इसी फार्म हाउस में घुसकर तीन एकड़ जौ की फसल को नष्ट किया था और पानी की पाइपलाइन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था।

रामानुजगंज वन परिक्षेत्र की रेंजर डॉ. दिलरुबा बानो ने बताया कि क्षेत्र में 22 हाथियों का दल सक्रिय है, जो लगातार विचरण कर रहा है। आज की घटना में झुंड से अलग हुए तीन हाथी फार्म हाउस तक पहुंच गए थे, जो नुकसान पहुंचाने के बाद फिर अपने दल में लौट गए। वर्तमान में हाथियों का दल लुर्गी पहाड़ होते हुए रामपुर के जंगल क्षेत्र में विचरण कर रहा है।
उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की निगरानी कर रही है और आसपास के गांवों में मुनादी कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
हाथियों की निगरानी पूरी रात की जा रही है। टीम रेंजर डॉक्टर दिलरुबा बानो के नेतृत्व में वनपाल दयाशंकर सिंह, ड्राइवर ओमप्रकाश प्रजापति सहित हाथी मित्र दल के जयराम, संजय, रामगति, विनोद एवं अन्य सदस्य लगातार रातभर निगरानी में जुटे हुए हैं। वन विभाग ने नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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