
रांची, एजेंसी। झारखंड के सिमरिया में 23 फरवरी को हुए एयर एंबुलेंस हादसे के तीन सप्ताह बाद जांच में बड़ा सुराग हाथ लगा है। हादसे वाली जगह से करीब एक किलोमीटर दूर जंगल में विमान का इंजन बरामद हुआ है। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने इंजन को कब्जे में लेकर जांच एजेंसियों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि यह बरामदगी दुर्घटना के कारणों से पर्दा उठाने में अहम साबित हो सकती है।
सिमरिया थाना क्षेत्र के कासियतू करमटांड जंगल में सोमवार सुबह उस समय हलचल मच गई, जब महुआ चुनने गए ग्रामीणों को झाड़ियों के बीच एक भारी धातु का हिस्सा दिखाई दिया। पहले तो ग्रामीणों को समझ नहीं आया कि यह क्या है, लेकिन करीब जाकर देखने पर पता चला कि वह किसी विमान का इंजन है।
ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना सिमरिया पुलिस को दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और इंजन को सुरक्षित कब्जे में ले लिया।
पुलिस के अनुसार यह इंजन मुख्य दुर्घटनास्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर पत्थर पनिया जंगल क्षेत्र में मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी दूरी पर इंजन का मिलना इस बात का संकेत हो सकता है कि दुर्घटना के दौरान विमान के हिस्से हवा में ही अलग होकर दूर-दूर जा गिरे होंगे। एक संभावना यह भी जताई जा रही है कि विमान तेज गति से जमीन से टकराया होगा, जिससे उसके हिस्से बिखर गए।
इंजन की बरामदगी के बाद अब जांच एजेंसियों को हादसे की कड़ियों को जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। पुलिस ने इंजन को पूरी तरह सुरक्षित रखते हुए संबंधित जांच एजेंसियों और नागरिक उड्डयन विभाग को इसकी सूचना दे दी है।
गौरतलब है कि 23 फरवरी को सिमरिया क्षेत्र में एयर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस भीषण हादसे में पायलट, गंभीर मरीज, डॉक्टर, पैरामेडिक स्टाफ और मरीज के परिजनों समेत कुल सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। दुर्घटना के समय इलाके में तेज बारिश और घना कोहरा होने की जानकारी सामने आई थी।
हालांकि अब तक हादसे के वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हो सके थे। ठोस सबूतों की कमी के कारण जांच एजेंसियां किसी अंतिम निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पा रही थीं।
फॉरेंसिक जांच से सामने आएगा सच
सिमरिया थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह ने बताया कि बरामद इंजन को सुरक्षित कर लिया गया है और इसकी जानकारी उच्च स्तरीय जांच एजेंसियों को दे दी गई है। इंजन की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच कराई जाएगी, जिससे यह पता लगाया जा सकेगा कि दुर्घटना से पहले उसमें कोई तकनीकी खराबी थी या किसी अन्य वजह से हादसा हुआ।
अब इस पूरे मामले में दिल्ली से आने वाली विशेषज्ञ टीम की जांच पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि यह इंजन एयर एंबुलेंस दुर्घटना का सबसे अहम सुराग साबित हो सकता है, जिससे हादसे के असली कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है।
ये भी पढ़िए……………

