
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी परिसरों के दुरुपयोग का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गरियाबंद के बाद अब सूरजपुर जिले से ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला वन विभाग के रेस्ट हाउस से जुड़ा है, जहां कथित तौर पर अश्लील डांस का आयोजन किया गया था।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के रामानुजनगर विकासखंड अंतर्गत कुमेली स्थित फॉरेस्ट रेस्ट हाउस से जुड़ा एक आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो करीब चार से पांच महीने पुराना है, जो अगस्त–सितंबर का बताया जा रहा है, लेकिन इसके सामने आने के बाद अब प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
वायरल वीडियो में रेस्ट हाउस के भीतर डांस कार्यक्रम होता नजर आ रहा है, जहां डांसरों पर खुलेआम पैसे उड़ाए जा रहे हैं। वीडियो में कुछ ऐसे चेहरे भी दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें स्थानीय जनप्रतिनिधि और शासकीय कर्मचारी बताया जा रहा है। यही वजह है कि यह मामला अब केवल नैतिकता तक सीमित न रहकर प्रशासनिक जवाबदेही का मुद्दा बन गया है।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्यक्रम एक ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल से जुड़े पदाधिकारी द्वारा आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के लिए रेस्ट हाउस के हॉल में गद्दे तक बिछाए गए थे, जिससे साफ जाहिर होता है कि आयोजन पूरी तैयारी के साथ किया गया था। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सामने आ गया है।
जिस रेस्ट हाउस का वीडियो वायरल हुआ है, वह वन विभाग के अधीन है और इसे पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित किया गया था। परिसर में एक बड़ा हॉल और कई कमरे मौजूद हैं। हालांकि, स्थानीय स्तर पर पहले भी इस रेस्ट हाउस में शराबखोरी और जुए जैसी गतिविधियों के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन इस बार सामने आया वीडियो आरोपों को और गंभीर बना रहा है।
रेस्ट हाउस की देखरेख पहले रामानुजनगर के तत्कालीन रेंजर के जिम्मे थी। उनके पदोन्नति के बाद अब सूरजपुर के रेंजर को इसका अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जिस सरकारी संपत्ति को पर्यटन और जनहित के लिए बनाया गया था, वहां इस तरह के आयोजन कैसे और किसकी अनुमति से हुए। वीडियो सामने आने के बाद अब कार्रवाई की मांग तेज हो गई है और निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
सूरजपुर फॉरेस्ट रेस्ट हाउस से जुड़े वायरल वीडियो मामले में अब वन विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आ गई है। इस पूरे प्रकरण को लेकर डीएफओ सूरजपुर डी.पी. साहू ने कहा कि उन्हें बुधवार रात करीब 11 बजे वीडियो के जरिए सूचना मिली थी। जानकारी मिलते ही तत्काल कार्रवाई करते हुए वे स्वयं सूरजपुर एसडीओ और वन अमले के साथ रेस्ट हाउस पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया।
डीएफओ ने बताया कि स्थल निरीक्षण के दौरान उस समय किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक गतिविधि नहीं पाई गई। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो उसी फॉरेस्ट रेस्ट हाउस का प्रतीत हो रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच टीम का गठन कर दिया गया है, जिसकी अध्यक्षता एसडीओ को सौंपी गई है।
इसके साथ ही वन विभाग ने पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराने का अनुरोध किया है, ताकि वीडियो की प्रामाणिकता, समय और परिस्थितियों की पूरी सच्चाई सामने आ सके। डीएफओ ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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