
बलरामपुर। सरकारी विद्यालय जैसे पवित्र शैक्षणिक परिसर में अनुशासन, मर्यादा और सुरक्षा को तार-तार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। शासकीय प्राथमिक शाला बैरडीहखुर्द के प्रधान पाठक बीरबल यादव को कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ अश्लील हरकत, नशे की हालत में दुर्व्यवहार तथा छात्र-छात्राओं से मारपीट और गाली-गलौज के आरोपों में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कुसमी द्वारा विस्तृत जांच कराई गई, जिसमें संस्था की सहायिका एवं एक ग्रामीण महिला के साथ नशे में की गई अशोभनीय हरकतों सहित विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों के साथ मारपीट और अभद्र भाषा के सभी आरोप सत्य पाए गए।
जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट किया गया है कि प्रधान पाठक का आचरण न केवल अशिष्ट, अभद्र एवं अशोभनीय है, बल्कि यह महिलाओं के प्रति कार्यस्थल पर लैंगिक अपराध की श्रेणी में भी आता है। यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 का खुला उल्लंघन माना गया है।
उक्त तथ्यों के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के अंतर्गत प्रधान पाठक बीरबल यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बलरामपुर में संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान संबंधित को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
यह कार्रवाई न केवल शिक्षा विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है, बल्कि यह भी स्पष्ट संदेश देती है कि बच्चों और महिलाओं की गरिमा व सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
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