
पूर्वी सिंहभूम। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम में सुवर्णरेखा नदी तट पर मिले भारी-भरकम जिंदा बम को भारतीय सेना ने सफल ऑपरेशन के बाद निष्क्रिय कर दिया। बेहद संवेदनशील इस मिशन में एक किलोमीटर तक का इलाका खाली कराकर सुरक्षा के बीच कार्रवाई की गई, जिससे संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया।
पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड के पानीपाड़ा नागुडसाईं क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब सुवर्णरेखा नदी किनारे 227 किलो वजनी जिंदा बम मिलने की जानकारी सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत भारतीय सेना की बम निरोधक टीम को बुलाया गया।
रांची स्थित 51 इंजीनियर रेजिमेंट की छह सदस्यीय टीम ने इस बेहद जोखिम भरे ऑपरेशन को अंजाम दिया। टीम का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मेंद्र सिंह और कैप्टन आयुष कुमार सिंह ने किया। उनके साथ नायब सूबेदार आनंद स्वरूप सिंह, हवलदार कंवलदीप सिंह, हवलदार दलबीर सिंह, नायक सीएएस नौटियाल, लांस नायक मनोज और सैपर पंकज जैसे प्रशिक्षित जवान शामिल रहे।

ऑपरेशन से पहले सेना की टीम ने पूरे इलाके का गहन सर्वे किया। बम की स्थिति, आसपास की भौगोलिक परिस्थितियां और नदी के बहाव को ध्यान में रखते हुए एक विस्तृत रणनीति तैयार की गई।

इसके बाद बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने के लिए जमीन के भीतर करीब 10 फीट गहरा गड्ढा बनाया गया। बम को इस गड्ढे में रखकर चारों ओर बालू से भरी बोरियों का मजबूत घेरा तैयार किया गया, ताकि संभावित विस्फोट का असर सीमित दायरे में ही रहे।

पूरे ऑपरेशन के दौरान एक किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह खाली कराया गया और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। सुरक्षा के लिहाज से ऑपरेशन कंट्रोल पॉइंट भी एक किलोमीटर दूर स्थापित किया गया था।

इतना ही नहीं, पास स्थित कलईकुंडा एयरफोर्स स्टेशन से विमानों की उड़ान भी एहतियातन अस्थायी रूप से रोक दी गई थी, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से बचा जा सके।

निर्धारित प्रक्रिया के तहत जब बम को सफलतापूर्वक निष्क्रिय किया गया, तो इलाके में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों ने सेना की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए तालियां बजाईं और देशभक्ति के नारे लगाए।

विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बेहद खतरनाक होती है और इसका विस्फोट बड़े क्षेत्र को प्रभावित कर सकता था। समय रहते इसकी पहचान और सेना की तत्परता ने एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया।फिलहाल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और इलाके में स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई जा रही है।
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