बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय ने आज शुक्रवार काे नाबालिगा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में तीन दोषियों को सजा सुनाई है। न्यायाधीश शुभ्रा पचौरी ने महेंद्र खैरवार, उसकी पत्नी कबिलासो और ठाकुरदास कुशवाहा को 20-20 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मिली जानकारी अनुसार, मामला 24 फरवरी 2023 का है। आरोपित महेंद्र खैरवार और उसकी पत्नी ने नाबालिग लड़की को शादी करवाने का झांसा दिया। उन्होंने 50 हजार रुपये और मोबाइल देने का लालच भी दिया। इसके बाद पीड़िता को अपने घर ले गए। वहां करीब दो सप्ताह तक उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।
रघुनाथनगर थाने में मुकदमा दर्ज
आरोपित दिन में पीड़िता को जंगल में छिपाकर रखते थे और रात में घर बुलाते थे। पीड़िता के माता-पिता को लगता था कि उनकी बेटी नानी के घर गई है। आरोपित महिला पीड़िता को महेंद्र और ठाकुरदास के साथ सोने के लिए प्रेरित करती थी। वह 500 रुपये देने की बात भी करती थी। बाद में पीड़िता अपने माता-पिता के पास पहुंची और रघुनाथनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। आरोपिताें के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 363, 366, 370, 368, 376 और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
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