
बलरामपुर। शासकीय लरंगसाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामानुजगंज में छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों से कॉलेज में पढ़ने आने वाले विद्यार्थियों की परेशानी को देखते हुए स्वामी विवेकानंद यूथ सर्कल के सदस्यों और छात्र-छात्राओं ने संयुक्त रूप से यह मांग उठाई है।
स्वामी विवेकानंद यूथ सर्कल, सरगुजा विभाग के जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के युवा प्रतिनिधियों और महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने प्राचार्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कॉलेज परिसर में बालक और बालिका दोनों के लिए छात्रावास निर्माण कराने की मांग की गई है।
यह ज्ञापन दीपक गिरी, अर्चित ठाकुर और उमेश कुशवाहा के नेतृत्व में महाविद्यालय प्रशासन को सौंपा गया।
दूरदराज से पढ़ने आते हैं विद्यार्थी
ज्ञापन में कहा गया है कि शासकीय लरंगसाय पीजी कॉलेज जिले के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल है। यहां बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्रामीण और दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के अलावा आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं।
कई विद्यार्थियों के गांव कॉलेज से काफी दूर हैं। नियमित और सुगम परिवहन सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें रोजाना लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इससे पढ़ाई के साथ-साथ समय और आर्थिक खर्च का भी अतिरिक्त बोझ विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर पड़ता है।
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता
छात्रावास नहीं होने का असर खास तौर पर दूरदराज से आने वाली छात्राओं पर पड़ता है। परिवहन की सीमित सुविधा के कारण कई बार उन्हें कॉलेज आने-जाने में परेशानी होती है। देर शाम तक आवागमन होने की स्थिति में अभिभावकों को भी सुरक्षा की चिंता बनी रहती है।
युवा प्रतिनिधियों का कहना है कि यदि कॉलेज में बालिका छात्रावास की सुविधा उपलब्ध हो जाती है तो दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं को सुरक्षित वातावरण में रहकर पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा।
आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
छात्रावास की सुविधा नहीं होने के कारण बाहर से आने वाले विद्यार्थियों को निजी स्तर पर कमरा या अन्य आवास की व्यवस्था करनी पड़ती है। इसका सीधा असर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर पड़ता है।
ज्ञापन में कहा गया है कि कई विद्यार्थी आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उच्च शिक्षा हासिल करने की कोशिश करते हैं। आवास और आवागमन का अतिरिक्त खर्च उनकी परेशानी बढ़ा देता है। ऐसे में छात्रावास की सुविधा मिलने से विद्यार्थियों को कम खर्च में पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिल सकेगा।
बालक और बालिका दोनों के लिए छात्रावास की मांग
स्वामी विवेकानंद यूथ सर्कल और छात्र प्रतिनिधियों ने शासन से कॉलेज में बालक एवं बालिका दोनों के लिए सुरक्षित, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण छात्रावास बनाने की मांग की है।
उनका कहना है कि छात्रावास में विद्यार्थियों के रहने के साथ पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण, आवश्यक मूलभूत सुविधाएं और सुरक्षा की उचित व्यवस्था होनी चाहिए। इससे दूरदराज के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हासिल करने में बड़ी मदद मिलेगी।
आवागमन की समस्या से न छूटे किसी की पढ़ाई
ज्ञापन सौंपने वाले युवा प्रतिनिधियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान बनाना जरूरी है। सिर्फ कॉलेज उपलब्ध होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि दूर से आने वाले विद्यार्थियों के लिए रहने और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था भी जरूरी है।
उनका कहना है कि छात्रावास बनने से ऐसे विद्यार्थियों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा, जो आर्थिक या परिवहन संबंधी समस्याओं के कारण अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने के लिए मजबूर हो जाते हैं।

शासन से जल्द सकारात्मक निर्णय की उम्मीद
स्वामी विवेकानंद यूथ सर्कल और छात्र प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि शासन और उच्च शिक्षा विभाग विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए छात्रावास निर्माण की मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेगा।
उन्होंने कहा कि शासकीय लरंगसाय पीजी कॉलेज में छात्रावास की सुविधा शुरू होने से न केवल दूरदराज के विद्यार्थियों को राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में उच्च शिक्षा का माहौल भी और मजबूत होगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान स्वामी विवेकानंद यूथ सर्कल के सदस्यों के साथ महाविद्यालय के छात्र प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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