बलरामपुर, विष्णु पाण्डेय। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में बीते दिनों एक शिक्षक की बर्बरता सामने आई थी। एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर की पिटाई से कक्षा दूसरी की छात्रा का पैर फ्रैक्चर हो गया था। परिजनों ने मासूम बच्ची को इलाज के लिए अंबिकापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। पूरा मामला शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के कंजिया प्राइमरी स्कूल का है। ऑफबीट न्यूज ने इस खबर को प्रमुखता से चलाया था। खबर प्रकाशित होने के बाद अब इसका इंपैक्ट देखने को मिला है। पुलिस ने बेरहम हेडमास्टर को सलाखों के भीतर पहुंचा दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी अनुसार, इस मामले की लिखित शिकायत शंकरगढ़ विकासखंड शिक्षा अधिकारी जय गोविंद तिवारी ने थाने में की। शिकायत में तिवारी ने बताया कि, बीते दिनों कंजिया के प्राइमरी स्कूल के प्रधान पाठक हीरालेओस टोप्पो के द्वारा कक्षा दूसरी की छात्रा कुमारी ललिता यादव (उम्र 07 वर्ष) को डंडा से पीटा था। छात्रा के पिता शिवकुमार यादव संजीवनी अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराकर इलाज कर रहे हैं। जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हैवान हेडमास्टर पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करते हुए आरोपित को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

क्या है मामला
पूरा मामला शंकरगढ़ थाना क्षेत्रांतर्गत कंजिया प्राइमरी स्कूल का है। जहां कक्षा दूसरी में पढ़ने वाली मासूम बच्ची को स्कूल के प्रधान पाठक हीरालेओस टोप्पो ने बेरहमी से डंडे से पिटाई कर दी। जिससे बच्ची का पैर प्रैक्चर हो गया है।
बताया जा रहा है कि, घटना उस समय हुई जब बच्ची कक्षा के दौरान अपने किसी सहपाठी से बात कर रही थी। इस बात से प्रधान पाठक इतने बौखला गए कि मासूम बच्ची को डांटने की बजाए डंडे से बूरी तरह पीट डाला। जिससे मासूम बच्ची की दाहिनी पैर की हड्डी टूट गई। घटना के तुरंत बाद परिजनों ने घायल मासूम को अंबिकापुर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पिछले तीन दिनों से बच्चों का इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक, बच्ची शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी सदमे में है। स्थानीय लोगों की माने तो, यह घटना सिर्फ एक बच्ची की नहीं, बल्कि हमारे शिक्षा तंत्र की विफलता का प्रतीक है। दोषी शिक्षक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग जरूरी है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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