
रांची। रांची स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) के प्रशासनिक भवन में गुरुवार को आदिवासी छात्र संघ, ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (आजसू) छात्र संघ और नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने संयुक्त रूप से तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया।
छात्र संगठनों के नेताओं ने बताया कि यह विरोध विश्वविद्यालय युवा महोत्सव ‘स्पंदन’ के तहत केंद्रीय स्तर पर भेजे गए प्रतिभागियों के चयन में पक्षपात और अनियमितता के आरोपों को लेकर किया गया है।
आदिवासी छात्र संघ के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) के अध्यक्ष विवेक तिर्की ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि आदिवासी विद्यार्थियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को चरणबद्ध रूप से तेज किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय युवा महोत्सव ‘स्पंदन’ का आयोजन 22 से 24 दिसंबर 2025 तक डीएसपीएमयू में किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया था। इसके बाद विभिन्न विधाओं में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को केंद्रीय युवा महोत्सव ‘स्पंदन’ में भेजने का प्रस्ताव तैयार किया गया।
छात्र संगठनों का आरोप है कि केंद्रीय स्तर के चयन में गंभीर अनियमितताएं बरती गईं। कई ऐसे लोगों को चयनित कर लिया गया, जो न तो विश्वविद्यालय स्तर के महोत्सव में शामिल थे और न ही डीएसपीएमयू के नियमित विद्यार्थी हैं। वहीं, कई योग्य आदिवासी विद्यार्थियों को जानबूझकर चयन सूची से बाहर कर दिया गया। यह भी आरोप लगाया गया कि कुछ प्रोफेसरों के चहेते और एनएसएस से जुड़े छात्रों को अनुचित प्राथमिकता दी गई।
मौके पर आजसू छात्र संघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो ने चयन प्रक्रिया को अन्यायपूर्ण बताते हुए तत्काल सुधार और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि चयन सूची में सुधार नहीं किया गया, तो छात्र संगठन आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे, जिससे कुछ समय के लिए विश्वविद्यालय परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
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