
पाकुर। झारखंड के पाकुड़ जिले के महेशपुर प्रखंड में एक दुर्लभ वन्यजीव ‘स्मॉल इंडियन सिवेट’ के अचानक रिहायशी इलाके में दिखने से ग्रामीणों में उत्सुकता और हलचल दोनों बढ़ गई। सूचना मिलते ही वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए इस वन्यजीव को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।
महेशपुर प्रखंड के एक गांव में दिन के समय ‘स्मॉल इंडियन सिवेट’, जिसे स्थानीय भाषा में ‘कस्तूरी बिल्ली’ या ‘कबर’ कहा जाता है, घरों और गलियों के आसपास घूमती नजर आई। आमतौर पर रात में सक्रिय रहने वाला यह जीव दिन में दिखा, जिससे ग्रामीणों में कौतूहल का माहौल बन गया।

ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मी अशरफुल शेख ने लोगों को समझाइश देते हुए भीड़ को नियंत्रित किया और सावधानीपूर्वक इस दुर्लभ जीव को सुरक्षित पकड़ लिया।
कम ही दिखने वाला वन्यजीव
वन विभाग के अनुसार, ‘स्मॉल इंडियन सिवेट’ अब बहुत कम देखने को मिलता है। इसे सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है और जल्द ही इसे उसके प्राकृतिक आवास, यानी जंगल में छोड़ा जाएगा, ताकि यह सामान्य जीवन जी सके।
रात में सक्रिय, शांत स्वभाव का जीव
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह जीव आमतौर पर रात के समय ही सक्रिय रहता है और नदी किनारे, कब्रिस्तान या शांत इलाकों में रहना पसंद करता है। इसका रिहायशी क्षेत्र में आना असामान्य माना जा रहा है।
जानिए इसकी खासियत
यह सिवेट आकार में मध्यम होती है। इसकी लंबाई लगभग 50 से 70 सेंटीमीटर तक होती है, जबकि पूंछ 40 से 55 सेंटीमीटर तक लंबी होती है। वजन सामान्यतः 2 से 5 किलोग्राम के बीच होता है। इसके शरीर पर भूरे या पीले रंग के फर पर काले धब्बे होते हैं, जबकि पूंछ पर काले-सफेद छल्ले इसकी पहचान को अलग बनाते हैं।
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