
रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) भर्ती परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी कर दिया गया है। लगभग ढाई वर्षों तक चली चयन प्रक्रिया के बाद राज्य को 64 नियमित सीडीपीओ मिले हैं। लंबे इंतजार, अभ्यर्थियों के आंदोलन और भूख हड़ताल के बीच आयोग ने इंटरव्यू समाप्त होने के 24 घंटे के भीतर फाइनल रिजल्ट जारी कर प्रक्रिया को औपचारिक रूप से पूर्ण कर दिया।
जेपीएससी के माध्यम से 64 नियमित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जून 2023 में प्रारंभ हुई थी। आयोग ने आठ जून 2023 को आवेदन आमंत्रित करने हेतु विज्ञापन जारी किया था। इसके बाद 10 जून 2024 को प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई, जिसका परिणाम 15 जुलाई 2024 को जारी हुआ। प्रारंभिक परीक्षा में 1590 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए।
मुख्य परीक्षा दो से चार अगस्त 2024 के बीच आयोजित की गई, जिसमें 1511 अभ्यर्थी शामिल हुए। हालांकि, मुख्य परीक्षा के परिणाम को लेकर लगातार देरी होती रही, जिसके चलते अभ्यर्थियों ने धरना-प्रदर्शन और भूख हड़ताल तक की। अंततः 16 माह बाद मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी किया गया, जिसमें 163 अभ्यर्थी सफल हुए। सफल अभ्यर्थियों का साक्षात्कार सात, आठ और नौ जनवरी 2026 को लिया गया।
आयोग द्वारा इंटरव्यू समाप्त होने के महज 24 घंटे के भीतर अंतिम परिणाम जारी किया गया, जिसे अभ्यर्थियों ने राहत भरा कदम बताया। चयन सूची में आरक्षित कोटे के 11 अभ्यर्थियों का चयन मेरिट के आधार पर अनारक्षित श्रेणी में हुआ है। इनमें बीसी-1 के छह, बीसी-2 के तीन, अनुसूचित जाति के एक तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के एक अभ्यर्थी शामिल हैं।
टॉपर्स की सूची
अनारक्षित श्रेणी में पुरुष वर्ग से अंकित कुमार और महिला वर्ग से पम्मी ने टॉप किया है। अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग में पुरुष श्रेणी से सुभाष मुर्मू तथा महिला श्रेणी से शालिनी कच्छप टॉपर रहीं। अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग में महिला वर्ग में महेश्वरी कुमारी और पुरुष वर्ग में उदय राज देश ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, बीसी-1 महिला वर्ग में सेफुन आलम टॉपर रहीं।
बैठक में लगी अंतिम मुहर
अंतिम परिणाम पर आयोग के अध्यक्ष एल. खियांग्ते की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मुहर लगाई गई। बैठक में सदस्य डॉ. अजिता भट्टाचार्या, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद के साथ सचिव संदीप कुमार एवं डिप्टी परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता उपस्थित रहे।
विशेष कोटा से चयन
भर्ती प्रक्रिया में दिव्यांग कोटा के अंतर्गत नेत्रहीन श्रेणी से अक्षय कुमार तथा लोकोमोटिव डिसेबिलिटी कोटा से प्रकाश कुमार का चयन किया गया है।
लंबे अंतराल और विवादों के बावजूद सीडीपीओ भर्ती प्रक्रिया के पूर्ण होने से राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग को अब नियमित अधिकारियों की सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिलने की उम्मीद है।
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