नई दिल्ली। वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान सामने आई गड़बड़ियों ने अब क्रिकेट जगत तक हलचल मचा दी है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी से जुड़ा मामला सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
चुनाव आयोग ने क्रिकेटर मोहम्मद शमी को नोटिस जारी किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शमी और उनके भाई मोहम्मद कैफ के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन से जुड़े फॉर्म में तकनीकी अनियमितताएं पाई गई हैं। इन्हीं गड़बड़ियों के आधार पर दोनों को असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा गया है।
बताया जा रहा है कि शमी के एन्यूमरेशन फॉर्म में प्रोजेनी मैपिंग और सेल्फ मैपिंग से संबंधित खामियां सामने आई हैं। इसके बाद दक्षिण कोलकाता के वार्ड नंबर 93 से उन्हें नोटिस भेजा गया। शमी इसी वार्ड में मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं, जो रासबिहारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
हालांकि अब तक न तो मोहम्मद शमी और न ही चुनाव आयोग की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार शमी तय तारीख पर सुनवाई में शामिल नहीं हो सके क्योंकि वे इन दिनों विजय हजारे ट्रॉफी में बंगाल टीम की ओर से राजकोट में खेल रहे हैं। उनकी अगली सुनवाई 9 से 11 जनवरी के बीच निर्धारित की गई है।
गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान शमी ने पश्चिम बंगाल नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के अमरोहा स्थित अपने पैतृक गांव में मतदान किया था।
पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद 16 दिसंबर को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई थी, जिसमें 58 लाख से अधिक नाम हटाए गए। इसके बाद से दावा, आपत्ति और सुनवाई की प्रक्रिया लगातार जारी है। इसी प्रक्रिया के तहत कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों के परिजनों को भी नोटिस भेजे गए हैं।
इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर पुनरीक्षण के नाम पर आम लोगों को परेशान करने का आरोप लगाया है, वहीं विपक्ष ने इसे फर्जी मतदाताओं पर कार्रवाई का जरूरी कदम बताया है।
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