
रांची। मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य महाराज के साथ हुए कथित अपमान की घटना ने देशभर के सनातनियों में आक्रोश पैदा कर दिया है। इसकी निंदा करते हुए पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे ने इसे सनातन संस्कृति और हिंदू संत परंपरा के विरुद्ध सुनियोजित साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल एक संत का अपमान है, बल्कि पूरे हिंदू समाज की भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य है।
आनंद बिहारी दुबे ने कहा कि मौनी अमावस्या का पर्व संयम, मौन, तप और आध्यात्मिक शांति का प्रतीक है। ऐसे पावन अवसर पर त्रिवेणी स्नान करने पहुंचे संक्राचार्य जैसे जगद्गुरु के साथ जिस प्रकार का दुर्व्यवहार किया गया, वह असामाजिक और विधर्मी मानसिकता की पराकाष्ठा को दर्शाता है। उन्होंने इसे पूरी तरह से अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में अराजकता फैलाने और धार्मिक सौहार्द को तोड़ने की साजिश का हिस्सा हैं।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस किसी भी कीमत पर इस घटना को नजरअंदाज नहीं करेगी। यदि प्रशासन दोषियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई करने में विफल रहता है, तो कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। दोषियों को संरक्षण देने वालों को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए।
मंगलवार को आनंद बिहारी दुबे ने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति एवं केंद्रीय गृह मंत्री को एक मांग पत्र भेजा। मांग पत्र में घटना की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच समिति के गठन, पुलिस प्रशासन के कुछ अधिकारियों के कथित अमर्यादित और संवेदनहीन रवैये की जांच, दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई और संकराचार्य की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
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