
रांची। झारखंड सरकार ने डॉक्टरों की सेवा अवधि को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मंगलवार को प्रोजेक्ट भवन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकारी डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति की उम्र 67 वर्ष से घटाकर 65 वर्ष करने का निर्णय लिया गया। कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल ने बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी।
कोरोना काल में बढ़ाई गई थी सेवानिवृत्ति उम्र
कोरोना महामारी के दौरान डॉक्टरों की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत को देखते हुए राज्य में डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति की उम्र दो वर्ष बढ़ाकर 67 वर्ष की गई थी। अब सरकार ने इसे फिर से 65 वर्ष करने का निर्णय लिया है।
इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों तथा विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति के लिए नियुक्ति नियमावली-2026 के गठन को भी मंजूरी दी गई।
राज्य के सभी 606 थानों पर लगेगा सीसीटीवी
कैबिनेट ने राज्य के सभी 606 थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इस योजना पर करीब 90 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इस फैसले से थानों की गतिविधियों की निगरानी और पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में कदम माना जा रहा है।
100 और स्कूल बनेंगे मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय
राज्य में पहले से संचालित 80 आदर्श विद्यालयों के अतिरिक्त 100 और विद्यालयों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित करने की मंजूरी दी गई है।
इसके लिए 7 अरब 21 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
दो मेडिकल कॉलेजों में बढ़ेंगी एमबीबीएस और पीजी सीटें
कैबिनेट ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने के साथ नए स्नातकोत्तर विषय शुरू करने और पीजी सीटें बढ़ाने के लिए 3.93 अरब रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। इसके लिए केंद्र सरकार के साथ समझौता करने को भी मंजूरी दी गई।
वहीं, शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज, धनबाद में एमबीबीएस और स्नातकोत्तर सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए 4.95 अरब रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
इसके अलावा धनबाद जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट की निधि से एसएनएमएमसीएच में एमबीबीएस की 100 सीटों को बढ़ाकर 250 और पीजी सीटों को 16 से बढ़ाकर 50 करने के लिए 2 अरब 75 करोड़ 18 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
वज्रपात और हीट वेव को लेकर भी फैसला
कैबिनेट ने वज्रपात और ग्रीष्म लहर यानी हीट वेव को गृह मंत्रालय की ओर से चिन्हित प्राकृतिक आपदाओं की सूची में शामिल किए जाने के बाद इन्हें झारखंड की विशिष्ट स्थानीय आपदा की सूची से हटाने का निर्णय लिया।
रोजगार और आजीविका से जुड़ी योजना को मंजूरी
राज्य में विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) योजना को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी।
इसके अलावा राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक पढ़ने वाली छात्राओं को हर महीने अधिकतम 10 निःशुल्क ऑक्सो-बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने के लिए 1 अरब 24 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
पांच नए प्रखंडों में खुलेंगे बालिका आवासीय विद्यालय
राज्य के पांच नवसृजित प्रखंडों में झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय स्थापित करने और भवन निर्माण के लिए 49.99 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
ज्ञानोदय योजना के तहत प्रारंभिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए द्विभाषी अभिभावक कैलेंडर उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक 73.66 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
तोपचांची झील के सौंदर्यीकरण को भी हरी झंडी
धनबाद की तोपचांची झील और आसपास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर 1 अरब 84 करोड़ 29 लाख रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई।
इसके अलावा राज्य की सड़क परियोजनाओं, जलापूर्ति, कारागारों में खुली और अर्ध-खुली बैरक, आवासीय विद्यालयों, छात्र क्रेडिट कार्ड योजना, अनुसंधान एवं नवाचार नीति समेत कई अन्य प्रस्तावों को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली।
कई सड़क परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति
कैबिनेट ने राज्य के विभिन्न जिलों में सड़क निर्माण से जुड़े कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। इनमें चाईबासा, चतरा, मनोहरपुर, रामगढ़ और गिरिडीह की सड़क परियोजनाएं शामिल हैं।
रामगढ़ में बरलंगा से गोला-मुरी पथ के 4.830 किलोमीटर निर्माण के लिए 56.85 करोड़ रुपये और गिरिडीह में बरगंडा चौक से कॉलेज मोड़ होते हुए पावर हाउस पथ के 2.715 किलोमीटर निर्माण के लिए 30.45 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट के फैसलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस व्यवस्था, सड़क, रोजगार, जलापूर्ति और पर्यटन से जुड़े कई प्रस्ताव शामिल रहे। हालांकि, डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति उम्र को 67 से घटाकर 65 वर्ष करने का फैसला बैठक के प्रमुख निर्णयों में रहा।
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