
नई दिल्ली, एजेंसी। संसद मार्च के दौरान हुए टकराव और पुलिस द्वारा जंतर-मंतर खाली कराए जाने के बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन थमता नजर नहीं आ रहा है। सोमवार शाम करीब पांच बजे दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल खाली करा दिया था, लेकिन महज छह घंटे बाद ही प्रदर्शनकारी फिर जंतर-मंतर पहुंच गए। देर रात तक बड़ी संख्या में समर्थक जुटे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।
CJP के प्रमुख चेहरों में शामिल अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन अब पीछे नहीं हटेगा। उनका कहना है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रहेगा और मंगलवार को भी संसद मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया।
प्रदर्शनकारी तीन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, जिनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा प्रमुख है। सोमवार को जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए मार्च के दौरान कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बनी। लंबे समय बाद संसद क्षेत्र तक इतनी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के पहुंचने को लेकर भी यह आंदोलन चर्चा में रहा। इससे पहले वर्ष 2012 में निर्भया कांड के विरोध के दौरान इस इलाके में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन देखने को मिला था।
इधर, मंगलवार को हुई एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उन्हें कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। बैठक में प्रधानमंत्री ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भी कहा कि इससे किसानों के हितों पर कोई आंच नहीं आएगी।
आंदोलन के बीच भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और CJP के प्रतिनिधिमंडल के बीच भी बातचीत हुई। प्रतिनिधिमंडल ने अपनी तीन प्रमुख मांगें उनके सामने रखीं। वहीं केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच भी लंबी बैठक हुई, हालांकि बैठक में क्या चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई।
इस बीच अभिजीत दीपके ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। उनके साथ पिछले 22 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे तीन अन्य छात्रों ने भी अनशन खत्म कर दिया। हालांकि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया है। उनका कहना है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई बेहद गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण रही, इसलिए वह पीछे नहीं हटेंगे।
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंग्मो की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में भी सुनवाई हुई। अदालत ने वांगचुक की स्वास्थ्य रिपोर्ट तलब की है और मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को निर्धारित की गई है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार संसद मार्च के दौरान हुई झड़पों में 90 से 100 पुलिसकर्मी और 50 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। पुलिस ने कनॉट प्लेस, संसद मार्ग समेत विभिन्न थानों में अब तक पांच एफआईआर दर्ज की हैं। अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की भी पहचान की जा रही है और जरूरत पड़ने पर आगे भी मामले दर्ज किए जाएंगे।
पुलिस कार्रवाई, राजनीतिक बयानबाजी और अदालत की निगरानी के बीच अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि CJP का आंदोलन आगे किस दिशा में बढ़ता है और सरकार प्रदर्शनकारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाती है।
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