
तेहरान/वाशिंगटन। होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी वर्चस्व की जंग से पश्चिम एशिया में फिर स्थिति गंभीर हो गई है। अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान पर ताजा हमले किए हैं। बंदर अब्बास, सिरिक और जास्क जैसे बंदरगाह शहरों के साथ-साथ केशम द्वीप पर भी जोरदार धमाके हुए हैं।
एक दिन पहले अमेरिकी सेना ईरान में कम से कम 140 ठिकानों पर हमला कर चुकी है। इसके जवाब में तेहरान ने बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर और जॉर्डन पर जवाबी हमले किए।
सीएनएन, अल जजीरा और इरना की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला हुआ है। ईरान के फारस की खाड़ी जलडमरूमध्य प्राधिकरण ने कहा है कि जब तक स्थिरता और शांति बहाली नहीं होती तब तक वहां से आवाजाही की अनुमति नहीं है।
इस सप्ताहांत से शुरू ताजा टकराव से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
अमेरिकी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने जलमार्ग में एक और कमर्शियल जहाज पर हमला किया। इसलिए ताजा हमला किया गया।
अमेरिका के सहयोगी देशों ने कहा कि सप्ताहांत के दौरान उन्हें ईरानी हमलों का सामना करना पड़ा। इन देशों में कुवैत, ओमान, जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात प्रमुख हैं। अमेरिका का दावा है कि आईआरजीसी लगातार होर्मुज में जहाजों पर गोलीबारी कर रहा है।
अमेरिकी मध्य कमान के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि ईरान की एक क्रूज मिसाइल और एक वन-वे अटैक ड्रोन को मार गिराया गया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमलों का मकसद ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है।
ईरान के खुजेस्तान प्रांत के डिप्टी गवर्नर वलीओल्लाह हयाती ने कहा है कि आज सुबह माहशहर में एक खेत पर बने सिंचाई पंप केंद्र पर मिसाइल गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।
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