
बलरामपुर, विष्णु पांडेय। बारिश के मौसम में जंगल से लाकर खाए गए पुटु (जंगली मशरूम) ने बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र के एक परिवार की खुशियां पलभर में चिंता में बदल दीं। ग्राम पंचायत स्याही में जंगली मशरूम का सेवन करने के बाद एक ही परिवार के नौ लोगों की तबीयत अचानक खराब हो गई। बीमार होने वालों में तीन बच्चे भी शामिल हैं। सभी को तत्काल वाड्रफनगर के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, परिवार के कुछ सदस्य जंगल से पुटु (खुखड़ी) लेकर आए थे। घर में इसकी सब्जी बनाकर सभी ने भोजन किया। खाना खाने के कुछ ही देर बाद परिवार के सदस्यों को उल्टी, तेज पेट दर्द और घबराहट की शिकायत शुरू हो गई। एक साथ कई लोगों की तबीयत बिगड़ने से परिजन घबरा गए और बिना देर किए सभी को अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया और सभी मरीजों को निगरानी में रखा। चिकित्सकों के अनुसार समय पर अस्पताल पहुंच जाने के कारण मरीजों की हालत नियंत्रण में है और फिलहाल सभी खतरे से बाहर हैं।
वाड्रफनगर के खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) डॉ. हेमंत दीक्षित ने बताया कि बारिश के मौसम में जंगलों में निकलने वाले पुटु या जंगली मशरूम की कई किस्में जहरीली होती हैं। देखने में ये सामान्य मशरूम जैसे लगते हैं, इसलिए लोग अक्सर इन्हें खाने योग्य समझ लेते हैं। उन्होंने कहा कि बिना सही पहचान के किसी भी जंगली मशरूम का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे गंभीर फूड पॉइजनिंग हो सकती है और कई मामलों में जान का खतरा भी पैदा हो जाता है।
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग का कहना है कि यदि किसी जंगली खाद्य पदार्थ का सेवन करने के बाद उल्टी, पेट दर्द, चक्कर या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर चिकित्सकीय सलाह लें।
इसे भी पढ़ें…….
वाड्रफनगर में दो बाइकों की आमने-सामने भीषण टक्कर, दोनों में लगी आग; एक की मौत, तीन गंभीर घायल
