
बलरामपुर, विष्णु पांडेय। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र स्थित वन वाटिका में गुरुवार को दर्दनाक हादसे में छह भैंसों की मौत हो गई। प्रथम दृष्टया मामला करेंट लगने का बताया जा रहा है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। पशुपालक अकलू यादव के परिवार पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिन भैंसों के दूध से परिवार का भरण-पोषण होता था, वे कुछ ही घंटों में तड़प-तड़प कर मौत के मुंह में समा गईं।
वार्ड क्रमांक 15 निवासी पशुपालक अकलू यादव ने बताया कि गुरुवार तड़के करीब 3 बजे वह अपनी छह भैंसों को रोज की तरह वन वाटिका क्षेत्र में हरा चारा चरने के लिए छोड़कर घर लौट आए थे। उनका घर भी वन वाटिका के समीप स्थित है। प्रतिदिन सुबह 9 से 10 बजे के बीच सभी भैंसें अपने आप वापस घर लौट आती थीं, लेकिन गुरुवार को काफी देर तक भैंसें वापस नहीं आईं तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई।
इसके बाद वह तलाश करते हुए वन वाटिका पहुंचे। अकलू यादव ने बताया कि वन वाटिका के भीतर नर्सरी से करीब 100 मीटर आगे पगडंडी पार करने पर उनकी सभी छह भैंसें मृत अवस्था में पड़ी मिलीं। सभी भैंसें लगभग 10-10 मीटर की दूरी पर गिरी हुई थीं। मृत पशुओं के पैरों में गंभीर जलने के निशान पाए गए।
पशुपालक ने आशंका जताई कि यह निशान ठीक वैसे ही हैं जैसे हाईटेंशन तार या बिजली के करेंट की चपेट में आने पर बनते हैं। घटना को देखकर पशुपालक और उनके परिजन फफक पड़े।
घटना ने जंगल क्षेत्रों में बिछाए जाने वाले अवैध करेंट तारों की भयावहता को एक बार फिर उजागर कर दिया है। इन दिनों रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रहण का सीजन चल रहा है। बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे जंगलों में तेंदूपत्ता तोड़ने जाते हैं। ऐसे में यदि जंगली सूअर या अन्य वन्यजीवों के शिकार के लिए अवैध रूप से बिजली के तार बिछाए गए हैं, तो यह न सिर्फ पशुओं बल्कि इंसानों की जान के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है।
ग्रामीणों ने मामले की गंभीर जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अकलू यादव ने बताया कि उनके पास कुल 17 भैंसें थीं और दूध बेचकर ही परिवार का जीवनयापन होता था। एक साथ छह भैंसों की मौत से परिवार की आर्थिक स्थिति पर गहरा संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे अवैध तरीकों पर रोक नहीं लगी तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
इधर, रामानुजगंज रेंजर डॉ. दिलरुबा बानो ने बताया कि मामले में मुआवजा प्रकरण तैयार किया जाएगा। देर शाम होने के कारण गुरुवार को पोस्टमार्टम नहीं हो सका। शुक्रवार को पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा मृत भैंसों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग द्वारा घटना के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है।
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