
बलरामपुर, विष्णु पांडेय। अवैध मादक पदार्थ अफीम की खेती के मामले में बलरामपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एंड-टू-एंड विवेचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने बिहार और झारखंड में दबिश देकर दो सरगना आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के साथ ही प्रकरण में अब तक कुल 11 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
बिहार और झारखंड से सरगना गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, थाना कुसमी के अपराध क्रमांक 26/2026 (धारा 8, 18 एनडीपीएस एक्ट) में आरोपित पैरू सिंह भोक्ता (35) निवासी सोमिया, थाना बाराचट्टी, जिला गया (बिहार) को उसके निवास स्थान से गिरफ्तार किया गया।
इसी तरह थाना कोरंधा के अपराध क्रमांक 04/2026 (धारा 8, 18 एनडीपीएस एक्ट) में आरोपित भूपेन्द्र उरांव उर्फ भूपेन्दरा उरांव (38) निवासी ग्राम चाया, पोस्ट कुन्दा, पंचायत बोधाडीह, जिला चतरा (झारखंड) को उसके गांव से घेराबंदी कर पकड़ा गया। दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर छत्तीसगढ़ लाया गया है और न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
करोड़ों रुपये की अफीम फसल की गई थी जब्त
इससे पहले थाना कुसमी क्षेत्र के ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ तथा थाना कोरंधा क्षेत्र के ग्राम तुरीपानी खजूरी में अवैध अफीम की खेती की सूचना पर बलरामपुर पुलिस ने प्रशासन, एफएसएल और अन्य संयुक्त टीमों के साथ कार्रवाई की थी।
कार्रवाई के दौरान ग्राम त्रिपुरी से करीब 4344.569 किलोग्राम अफीम की फसल (अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ 75 लाख रुपये) तथा ग्राम तुरीपानी खजूरी से 1883.76 किलोग्राम अफीम की फसल (अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये) जब्त की गई थी। इस मामले में पहले ही 9 आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कार्रवाई
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक और बलरामपुर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया था। टीमों ने झारखंड और बिहार के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी। तकनीकी साक्ष्यों और गहन विवेचना के आधार पर दोनों सरगनाओं को गिरफ्तार करने में सफलता मिली।
पुलिस के अनुसार मामले की एंड-टू-एंड विवेचना अभी जारी है और इस प्रकरण से जुड़े अन्य आरोपितों की तलाश भी की जा रही है।
इसे भी पढ़ें……..

