
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच अफीम की खेती का एक और मामला सामने आया है। कुसमी थाना क्षेत्र के ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ में 43 क्विंटल से अधिक अफीम जब्त होने के बाद अब कोरंधा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत खजुरी के तुर्रीपानी गांव में भी अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़ हुआ है। संयुक्त कार्रवाई में 18 क्विंटल से अधिक अफीम की फसल जब्त की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 12 मार्च को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम तुर्रीपानी खजुरी में सहादुर नगेशिया और दुईला नगेशिया अपने खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती कर रहे हैं। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुसमी, थाना प्रभारी कुसमी तथा पुलिस, प्रशासन, एसएफएल और अन्य विभागों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची।
घटनास्थल पर पहुंचकर टीम ने खेत का निरीक्षण किया, जहां अवैध रूप से अफीम की खेती होना पाया गया। इस दौरान खेत में मौजूद दो व्यक्ति फसल की देखरेख करते दिखाई दिए, जो पुलिस को देखते ही भागने लगे। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को दौड़ाकर पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान सहादुर नगेशिया (34 वर्ष) पिता देशिया नगेशिया और दुईला नगेशिया (40 वर्ष) पिता गोंदरा नगेशिया, दोनों निवासी ग्राम खजुरी (तुर्रीपानी), थाना कोरंधा, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के रूप में हुई।
जांच के दौरान खेत में लगे अफीम के पौधों की पहचान कर पंचनामा तैयार किया गया। इसके बाद पौधों को जड़, तना, पत्ती, फूल और फल सहित उखाड़कर विधिवत जब्त किया गया। बरामद सामग्री का तौल कराने पर कुल 1883.76 किलोग्राम अफीम की फसल पाई गई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई है।
मामले में आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत अपराध दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस द्वारा पूरे प्रकरण की एंड-टू-एंड विवेचना की जा रही है और इससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने बताया कि कुसमी ब्लॉक के सीमावर्ती क्षेत्र में जंगलों के बीच लगभग 1.47 एकड़ भूमि पर छोटे-छोटे खेतों में अफीम की खेती की जा रही थी। यह क्षेत्र झारखंड सीमा से सटा हुआ है, जहां बाहरी व्यक्तियों द्वारा ग्रामीणों की जमीन का उपयोग कर अवैध खेती किए जाने की आशंका जताई जा रही है। इस संबंध में पुलिस द्वारा विस्तृत जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत राजस्व, पुलिस, वन विभाग और पंचायत की संयुक्त टीम ने खेतों में लगी अफीम की फसल को उखाड़कर जब्त किया और विधिवत तौल कराया।
प्रशासन के अनुसार जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध मादक पदार्थों की गतिविधियों को देखते हुए राजस्व, पुलिस, वन विभाग और पंचायत की संयुक्त टीमों द्वारा लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। खेतों, जंगलों और निजी जमीनों का निरीक्षण कर ऐसे मामलों की पहचान की जा रही है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती, भंडारण और परिवहन के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। यदि कहीं भी ऐसी गतिविधियां पाई जाती हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में अफीम या अन्य मादक पदार्थों की खेती की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस या प्रशासन को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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