
बलरामपुर। जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत हंसपुर गांव में एसडीएम की टीम पर मारपीट के आरोप और एक व्यक्ति की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों ने एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर चक्का जाम कर दिया।
मृतक राम नरेश राम (62 वर्ष) के परिजनों ने शिव चौक के पास सड़क जाम कर दी, जिससे लगभग दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। चक्काजाम के कारण अंबिकापुर, कोरंधा और सामरी मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।
पुलिस अधिकारियों के समझाइश और आश्वासन के बाद मामला दर्ज किया गया, जिसके उपरांत चक्का जाम समाप्त कराया गया। पुलिस ने कहा है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
इससे पहले घायल आकाश अगरिया (20 वर्ष), निवासी हंसपुर, ने आरोप लगाया था कि बीती शाम वह राम नरेश राम और अजीत कुमार के साथ खेत में गेहूं की फसल में पानी देने जा रहा था। उसी दौरान एक वाहन, जिस पर “एसडीएम” और “छत्तीसगढ़ शासन” लिखा था, वहां खड़ा था। वाहन से उतरे छह से सात लोगों ने पूछताछ के दौरान लाठी-डंडों से मारपीट की, जिसमें राम नरेश राम गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में उन्हें कुसमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया जा रहा था, जहां रास्ते में उनकी मौत हो गई।
घटना के पीछे हंसपुर क्षेत्र में बॉक्साइट के कथित अवैध उत्खनन और एक ट्रक को रोककर वसूली की सूचना पर प्रशासनिक टीम के पहुंचने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने आएगी। फिलहाल सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
क्षेत्र में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
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