
बलरामपुर, विष्णु पांडेय। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार को पूरा बलरामपुर जिला शिवभक्ति में डूबा नजर आया। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं और “हर-हर महादेव” के जयघोष से वातावरण गूंजता रहा। विशेष रूप से रामानुजगंज में इस वर्ष भी महाशिवरात्रि महोत्सव आयोजन समिति के तत्वावधान में भव्य शिव बारात का आयोजन किया गया, जिसने नगरवासियों को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर कर दिया।
कन्हर तट स्थित प्राचीन शिव मंदिर से दोपहर तीन बजे शुरू हुई यह भव्य शिव बारात आकर्षण का केंद्र रही। काशी-वाराणसी से आए कलाकारों ने भगवान भोलेनाथ और गणों का सजीव रूप धारण कर ऐसा दृश्य प्रस्तुत किया मानो स्वयं देवाधिदेव कैलाश से पधारे हों। भगवान शिव के रूप में सजे कलाकार ने चिता भस्म से अलंकृत होकर जब शिव तांडव प्रस्तुत किया तो उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
बारात में भूत-प्रेत, गण और विविध पारंपरिक झांकियां शामिल रहीं, जिन्होंने पौराणिक कथाओं को जीवंत कर दिया। संगीतमय झांकियों और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच बारात नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई देर शाम मां महामाया मंदिर पहुंची, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम रहे। नगरवासियों ने जगह-जगह बारात का स्वागत किया। महाशिवरात्रि के इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं को भी नई ऊर्जा प्रदान की। रामानुजगंज में आयोजित यह भव्य शिव बारात एक बार फिर यह संदेश दे गई कि आस्था, परंपरा और सामुदायिक एकता का संगम ही हमारी सांस्कृतिक विरासत की असली पहचान है।
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