
बलरामपुर, विष्णु पांडेय। धान खरीदी में टोकन कटने की समस्या, मनरेगा कानून में बदलाव और पीडीएस चावल वितरण में अव्यवस्था को लेकर शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने महावीरगंज चौक के पास चक्का जाम कर राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। यह चक्का जाम जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरिहर यादव के नेतृत्व में किया गया।
प्रदर्शन के बाद ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मधु गुप्ता के नाम से राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन रामानुजगंज तहसीलदार को सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से आम जनता, किसान और मजदूरों से जुड़े मुद्दों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई।
कांग्रेस नेताओं ने सपने ज्ञापन में बताया कि, वर्तमान में धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 निर्धारित है, लेकिन जिले के कई किसानों के अब तक टोकन नहीं कट पाए हैं। इससे किसान आर्थिक संकट और मानसिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। पार्टी ने मांग की है कि धान खरीदी की समय-सीमा बढ़ाकर किसानों को राहत दी जाए, ताकि कोई भी किसान अपनी उपज बेचने से वंचित न रहे।

ज्ञापन में महात्मा गांधी रोजगार गारंटी कानून के नाम में केंद्र सरकार द्वारा किए गए परिवर्तन पर भी आपत्ति जताई गई है। कांग्रेस ने मांग की है कि कानून का नाम और स्वरूप पूर्ववत रखा जाए तथा मनरेगा के तहत लागू प्रावधानों में किसी भी प्रकार का बदलाव न किया जाए, जिससे ग्रामीण मजदूरों के अधिकार सुरक्षित रह सकें।
इसके साथ ही जनवरी माह में पीडीएस दुकानों में चावल उपलब्ध न होने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जिले के लगभग सभी विकासखंडों में पीडीएस दुकानों में चावल नहीं पहुंचने के कारण दुकानदार केवल अंगूठा लगवाकर अगले महीने चावल देने की बात कह रहे हैं। इससे आम जनता में असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि उन्हें चावल मिलेगा भी या नहीं। पार्टी ने इस व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की है।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि किसानों, मजदूरों और आम जनता की समस्याओं पर शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। चक्का जाम के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे और प्रशासन के माध्यम से सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाई गईं।
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