
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से मानवता को झकझोर देने वाली एक गंभीर और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। वाड्रफनगर चौकी क्षेत्र में एक महिला को रोजगार का लालच देकर बुलाया गया और फिर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसी जघन्य घटना को अंजाम दिया गया। इस अमानवीय कृत्य के बाद पीड़िता को महज 200 रुपये थमाकर आरोपी फरार हो गए। घटना सामने आने के बाद इलाके में गहरा आक्रोश और भय का माहौल व्याप्त है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीनों आरोपियों ने पीड़ित महिला को काम दिलाने का भरोसा दिलाकर वाड्रफनगर बुलाया था। योजना के तहत महिला को एक कमरे में ले जाया गया, जहां आरोपियों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी महिला को बस में बैठाकर मौके से फरार हो गए, मानो उन्होंने कोई अपराध नहीं बल्कि सौदा किया हो।
घटना के कुछ समय बाद ही पीड़िता की तबीयत बिगड़ गई। गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार महिला की स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन वह गहरे मानसिक आघात में है। पुलिस के अनुसार यह घटना रविवार की देर शाम की है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वाड्रफनगर चौकी पुलिस ने बिना देरी किए सोमवार को जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर तंत्र की मदद से तीनों आरोपियों को अंबिकापुर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि चंद परासिया, पिता रामचरित्र, निवासी ग्राम भरहीबांस; तेजमारी गौतम, पिता मदन लाल, निवासी ग्राम रमेशपुर; तथा दीपक कुमार कुशवाहा, पिता विश्वनाथ कुशवाहा, निवासी ग्राम जौराही के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल तीनों को मंगलवार को गिरफ्तार न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
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