
रायगढ़, एजेंसी। छत्तीसगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में हुए एक विरोध प्रदर्शन ने कानून व्यवस्था और मानव गरिमा दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोयला परियोजना के विरोध में शुरू हुआ आंदोलन हिंसा और अमानवीय कृत्य में बदल गया, जिसकी गूंज अब पूरे राज्य में सुनाई दे रही है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में जिंदल पॉवर लिमिटेड की कोयला खदान के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान महिला आरक्षक के साथ की गई बर्बरता के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस प्रकरण में अब तक कुल छह लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार आंदोलन के दौरान महिला आरक्षक के साथ मारपीट की गई, उसके कपड़े फाड़े गए और उसे अपमानजनक स्थिति में छोड़ दिया गया। इस घटना का वीडियो भी बनाया गया, जो बाद में सामने आया। वीडियो में पीड़िता रहम की गुहार लगाती नजर आती है, जबकि भीड़ उसे धमकाती और अपशब्द कहती दिखती है।
गिरफ्तारी के बाद मामले ने एक नया मोड़ तब लिया जब महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों ने आरोपी को सिग्नल चौक से न्यायालय तक पैदल ले जाकर जुलूस निकाला। इस दौरान आरोपी से सार्वजनिक रूप से नारे लगवाए गए और सड़क पर उठक बैठक करवाई गई। यह दृश्य इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि 8 दिसंबर 2025 को धौराभाठा में प्रस्तावित जनसुनवाई के विरोध से यह तनाव शुरू हुआ था। 14 गांवों के ग्रामीण 12 दिसंबर से धरने पर बैठे थे। 27 दिसंबर को लिबरा चौक पर बड़ी संख्या में लोग जमा हुए और सड़क जाम कर दिया। हालात बिगड़ने पर पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे, लेकिन भीड़ बेकाबू हो गई।
दोपहर के समय प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और पुलिस पर पथराव व लाठी से हमला किया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें महिला थाना प्रभारी भी शामिल थीं। उग्र भीड़ ने पुलिस बस, जीप और एंबुलेंस समेत कई सरकारी वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इसके बाद भीड़ ने जिंदल के कोल हैंडलिंग प्लांट में घुसकर कन्वेयर बेल्ट, ट्रैक्टर और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया।
स्थिति संभालने के लिए विधायक, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक स्वयं मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक हालात काफी बिगड़ चुके थे। बाद में कंपनी प्रबंधन ने तनाव को देखते हुए प्रस्तावित कोल ब्लॉक गारे पेलमा सेक्टर 1 के लिए जनसुनवाई नहीं कराने का निर्णय लिया।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और फरार आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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