
बलरामपुर। जिले में कस्टम मिलिंग व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार सख्ती बरत रहा है। इसी कड़ी में राजपुर विकासखंड के एक राईस मिल में गंभीर अनियमितता सामने आने पर खाद्य एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है।
खाद्य एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा विकासखंड राजपुर अंतर्गत ग्राम कोटगगहना में स्थित मित्तल राईस मिल का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजपुर देवेंद्र प्रधान सहित संबंधित विभागीय अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
निरीक्षण के समय मित्तल राईस मिल का मुख्य द्वार ताला बंद पाया गया। मिल परिसर में किसी भी कर्मचारी या जिम्मेदार व्यक्ति की उपस्थिति नहीं थी। टीम द्वारा मिल संचालक से दूरभाष के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसिव नहीं की गई।
खाद्य विभाग के अनुसार, राईस मिल द्वारा खरीदी वर्ष 2024-25 में कुल 3320 क्विंटल धान का उठाव किया गया था, जिसके अनुपात में 2246.64 क्विंटल चावल जमा किया जाना था। जांच में यह तथ्य सामने आया कि आज दिनांक तक मिल द्वारा एक भी क्विंटल चावल जमा नहीं किया गया है।
प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि राईस मिल ने कस्टम मिलिंग चावल उपार्जन आदेश 2016 के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। नियमों की अवहेलना को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने मित्तल राईस मिल को सील करने की कार्रवाई की।
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आगे भी इस तरह की अनियमितताओं पर सख्त कदम उठाए जाएंगे और कस्टम मिलिंग व्यवस्था की लगातार निगरानी जारी रहेगी।
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