
बलरामपुर। जिले के रामानुजगंज क्षेत्र में दलको बांध से निकली सिंचाई नहर के क्षतिग्रस्त होने से किसानों पर दोहरी मार पड़ गई है। नगरा, भवरमाल और धनपुरी गांवों के सैकड़ों किसान इस समय गंभीर संकट से जूझ रहे हैं। खेतों तक पानी नहीं पहुंचने के कारण फसलें मुरझाने लगी हैं और मेहनत की पूरी पूंजी डूबने का खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, दलको बांध के एक्वाडक्ट के नीचे से गुजरने वाली यह नहर तकनीकी रूप से कमजोर हो चुकी है और बार-बार टूट जाती है। हालात ऐसे हैं कि किसान खुद आपस में चंदा जुटाकर अस्थायी मरम्मत कराते रहे हैं, ताकि किसी तरह खेतों तक पानी पहुंच सके। बावजूद इसके, हर बार कुछ ही दिनों में नहर फिर जवाब दे देती है।
बांध लबालब, खेत प्यासे
विडंबना यह है कि, दलको बांध में पानी की कोई कमी नहीं है, फिर भी किसान सिंचाई से वंचित हैं। नहर टूटने के चलते पानी खेतों तक पहुंचने की बजाय सीधे कन्हर नदी में बहकर व्यर्थ जा रहा है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी सुधार नहीं हुआ, तो चालू फसल पूरी तरह नष्ट हो सकती है।
प्रशासन को कई बार दी गई सूचना
ग्रामीणों का आरोप है कि, समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और जल संसाधन विभाग को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
किसान राकेश गुप्ता ने बताया कि, सिंचाई के अभाव में फसलें सूखने लगी हैं। उन्होंने कहा कि खेत तैयार करने, बीज और खाद पर खर्च की गई रकम डूबने की आशंका है, लेकिन विभागीय स्तर पर अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं।
विभाग ने दिया मरम्मत का भरोसा
इस मामले में जल संसाधन विभाग के एसडीओ सुजीत गुप्ता ने कहा कि, नहर टूटने की जानकारी उन्हें मिल चुकी है। जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा, ताकि किसानों को सिंचाई सुविधा बहाल की जा सके।
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