
बलरामपुर। बालक छात्रावास रामचंद्रपुर की शासकीय भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान राजस्व व पुलिस टीम के साथ मारपीट, धक्का-मुक्की और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के मामले में रामचंद्रपुर पुलिस ने छह और आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इससे दो दिन पूर्व इसी प्रकरण में 15 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका था। अब तक कुल 21 आरोपित सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं।
बलरामपुर पुलिस से प्राप्त जानकारी अनुसार, थाना रामचंद्रपुर में अपराध क्रमांक 54/2025 के तहत धारा 296, 351(3), 191(1), 221, 132 बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज है। पुलिस के अनुसार, प्रार्थी अश्वनी चंद्रा, तहसीलदार रामचंद्रपुर ने 11 दिसंबर 2025 को लिखित आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आवेदन में बताया गया कि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के आदेश के पालन में 9 दिसंबर 2025 को बालक छात्रावास की भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारी एवं अन्य राजस्व कर्मचारियों की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची थी।
इसी दौरान आरोपितों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर राजस्व अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की। लाठी-डंडों से हमला करने का प्रयास किया गया तथा शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया गया। आरोप है कि टीम को करीब दो घंटे तक घेरकर रखा गया और सड़क जाम कर स्थिति को तनावपूर्ण बना दिया गया।
घटना के बाद से आरोपित लगातार फरार चल रहे थे और विवेचना में सहयोग नहीं कर रहे थे। पुलिस टीम उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। 9 फरवरी 2026 को कार्रवाई करते हुए 15 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
इसी क्रम में 11 फरवरी 2026 को मुखबिर से प्राप्त ठोस सूचना के आधार पर फरार छह आरोपितों 1. मोहम्मद बक्स पिता समीद अंसारी (43 वर्ष), ग्राम अनिरूद्धपुर, थाना रामचंद्रपुर, 2. माहताब अंसारी पिता आजम अंसारी (36 वर्ष), ग्राम अनिरूद्धपुर, थाना रामचंद्रपुर, 3. रिजवान अंसारी पिता सुभान अंसारी (24 वर्ष), ग्राम रामचंद्रपुर, 4. अलीबक्स अंसारी पिता अनीस अंसारी (35 वर्ष), ग्राम रामचंद्रपुर, 5. इब्राहिम अंसारी पिता नेयामत अंसारी (45 वर्ष), ग्राम रेवतीपुर, 6. नूर मोहम्मद पिता जुलफन अंसारी (25 वर्ष), ग्राम रेवतीपुर को विधिवत हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। आवश्यक साक्ष्य संकलन के बाद सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके परिजनों को सूचना दी गई तथा न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
पुलिस के अनुसार, प्रकरण की विवेचना अभी जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा और शासकीय कार्य में बाधा जैसी घटनाओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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