
बलरामपुर। जिले में अवैध धान कारोबार और किसानों के साथ सुनियोजित धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय अवैध धान परिवहन, किसानों के बैंक व ऋण संबंधी दस्तावेजों के दुरुपयोग और बड़े पैमाने पर वित्तीय लेन-देन का पर्दाफाश हुआ है। मामले में ग्राम कुर्लडीह निवासी श्याम सुन्दर गुप्ता के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
विकासखण्ड रामचन्द्रपुर अंतर्गत ग्राम कुर्लडीह निवासी श्याम सुन्दर गुप्ता द्वारा अवैध धान परिवहन करने तथा किसानों की ऋण पुस्तिका, बैंक खाता, चेकबुक एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों के दुरुपयोग के मामले में कड़ी कार्रवाई की गई है। श्याम सुन्दर गुप्ता के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 एवं 7 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
विगत रात्रि लगभग 8 बजे राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध धान परिवहन कर रहे एक पिकअप वाहन को पीछा कर पकड़ा। पूछताछ में वाहन चालक ने बताया कि धान को कुर्लडीह निवासी श्याम सुन्दर गुप्ता के घर अनलोड किया जाना था। इसके बाद संयुक्त टीम ने उनके घर पर दबिश दी, जहां से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज, बैंकिंग फॉर्म और धान से संबंधित अभिलेख बरामद किए गए।
तलाशी के दौरान लगभग 400 बोरी धान पाई गई। साथ ही दो नग कटे हुए ब्लैंक चेक, किसानों के नाम से भरे हुए विड्रॉल फॉर्म, विभिन्न बैंकों की जमा पर्चियां, आरटीजीएस फॉर्म, धान खरीदी केंद्रों की तौल पर्चियां तथा किसानों से संबंधित कई बैंक दस्तावेज जब्त किए गए।
घर की गहन तलाशी में 62 चेक, 46 किसान किताब (भाग-एक), 59 किसान किताब (भाग-दो), 19 केसीसी पासबुक, 161 जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की पासबुक, 261 भरे हुए विड्रॉल फॉर्म, 550 से अधिक सामान्य लेखा-बिल पर्चियां, 150 बैंक जमा एवं टोकन पर्चियां, 100 तौल पर्चियां सहित बड़ी संख्या में दस्तावेज बरामद हुए। इसके अतिरिक्त अन्य किसानों के बैंक पासबुक, आधार कार्ड की प्रतियां एवं फोटो भी प्राप्त हुईं।
तलाशी के दौरान 1 लाख 67 हजार 100 रुपये नकद भी बरामद किए गए, जिसे श्याम सुन्दर गुप्ता के छोटे भाई के व्यवसाय की राशि बताया गया। जांच के दौरान एक अलग बैग से कई पासबुक, चेकबुक, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन दस्तावेज, मोबाइल फोन तथा पिकअप वाहन क्रमांक यूपी 64 सीटी 4218 और मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 15 डीवाय 4601 जब्त कर अग्रिम कार्रवाई हेतु थाना सनावल भेजा गया।
प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि श्याम सुन्दर गुप्ता द्वारा किसानों के बैंक व ऋण संबंधी दस्तावेज अपने कब्जे में रखकर सीमावर्ती प्रांतों से कम कीमत पर धान लाया जाता था, जिसे छत्तीसगढ़ के धान खरीदी केंद्रों में विक्रय किया जाता था। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि किसानों के हस्ताक्षरयुक्त विड्रॉल फॉर्म पहले से अपने पास रखकर बड़े पैमाने पर धनराशि का अंतरण स्वयं तथा अपने परिजनों के खातों में किया गया। इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोगों की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
प्रकरण में प्रथम दृष्टया किसानों के साथ छल-कपट कर शासकीय एवं किसानों की राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होने पर श्याम सुन्दर गुप्ता के विरुद्ध विधिसम्मत एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच जारी है।
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