
रांची। मुनि श्री 108 सुयश सागर जी महाराज के सानिध्य में मंगलवार को दिगंबर जैन मंदिर अपर बाजार में अभिषेक व शांतिधारा का कार्यक्रम हुआ। तत्पश्चात मुनिश्री का मंगल प्रवचन लोगों को प्राप्त हुआ। मुनिश्री ने बताया कि ढाई अक्षर का धर्म अगर दो अक्षर का हो जाए तो वह धम बन जाता है। उन्होंने धर्म व देव शास्त्र गुरु के प्रति अपनी आस्था समर्पण की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जिसके जीवन में गुरु नहीं उसका जीवन शुरू नहीं। आहारचर्या के बाद मुनिश्री के सानिध्य में णमोकर चालीसा का पाठ व सम्मेद शिखर की वंदना पाठ के माध्यम से किया गया। सभी भक्त भक्ति में झूम उठे। रांची के दिगंबर जैन समाज ने सभी बाहर से आए अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा सभी ने मुनिश्री का मंगल आशीर्वाद श्रीफल भेंट कर प्राप्त किया। आज मुनिश्री का मंगल प्रवचन सुबह 8:30 बजे होगा।

