
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोहिनूर पावर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े 290 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में कोलकाता में 11 ठिकानों पर छापा मारा है। तलाशी के दायरे में कंपनी के प्रवर्तक प्रशांत बोथरा और विजय बोथरा समेत समूह के अन्य निदेशकों तथा ऑडिटरों के परिसर शामिल हैं।
ईडी के अनुसार, कोहिनूर पावर प्राइवेट लिमिटेड ने झारखंड में 66 मेगावाट क्षमता के बिजली संयंत्र के लिए बैंकों से ऋण लिया था। आरोप है कि ऋण की रकम को समूह की अन्य कंपनियों और व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए दूसरी जगह स्थानांतरित किया गया। बाद में कंपनी राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में चली गई और परिसमापन की प्रक्रिया में बैंकों को केवल करीब 7 करोड़ रुपये ही वापस मिल सके, जिससे ऋणदाताओं को भारी नुकसान हुआ।
ईडी के मुताबिक, एजेंसी के कोलकाता जोनल कार्यालय द्वारा मौजूदा तलाशी कार्रवाई के तहत समूह के प्रवर्तकों प्रशांत बोथरा और विजय बोथरा के परिसरों के अलावा अन्य निदेशकों और ऑडिटरों से जुड़े ठिकानों की भी जांच की जा रही है। इनमें संबंधित कार्यालय परिसर भी शामिल हैं।
एजेंसी की कार्रवाई बैंक धोखाधड़ी मामले में ऋण की रकम के कथित दुरुपयोग और उसके प्रवाह से जुड़े तथ्यों की जांच के तहत की जा रही है।
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