
रांची। जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को लेकर रांची में चल रहा छात्र आंदोलन आठवें दिन भी खत्म नहीं हुआ। सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच रविवार को तीसरी बार बातचीत हुई, लेकिन इस बार भी सहमति नहीं बन सकी। सरकार की हाई लेवल कमेटी के चार मंत्रियों ने वीडियो कॉल के जरिए आमरण अनशन पर बैठे देवेन्द्रनाथ महतो से बातचीत कर मांगों के समाधान का भरोसा दिलाया और भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया। हालांकि, आंदोलनकारी ने स्पष्ट कर दिया कि केवल मौखिक आश्वासन के आधार पर अनशन खत्म नहीं किया जाएगा।
देवेन्द्रनाथ महतो ने कहा कि छात्रों की मांगों पर सरकार की ओर से लिखित जवाब और ठोस निर्णय आने तक उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगी। ऐसे में सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच गतिरोध बरकरार है।
वीडियो कॉल पर मंत्रियों ने की बातचीत
सरकार की ओर से गठित हाई लेवल कमेटी में शामिल मंत्री सुदीप कुमार सोनू, दीपिका सिंह पांडेय, चमरा लिंडा और संजय सिंह यादव ने वीडियो कॉल के माध्यम से देवेन्द्रनाथ महतो से बातचीत की। इस दौरान मंत्रियों ने छात्रों की मांगों पर चर्चा की और उनके समाधान का भरोसा दिलाया। साथ ही देवेन्द्रनाथ से भूख हड़ताल समाप्त करने का आग्रह किया गया।
मौखिक आश्वासन पर नहीं माने आंदोलनकारी
बातचीत के बाद देवेन्द्रनाथ महतो ने कहा कि संवाद के लिए मंत्रियों का आभार है, लेकिन केवल मौखिक आश्वासन के आधार पर छात्रों का आंदोलन और अनशन समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार को छात्रों की मांगों पर लिखित रूप से जवाब देना होगा और उन्हें पूरा करने की दिशा में ठोस निर्णय लेना होगा।
‘मांगें किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं’
देवेन्द्रनाथ महतो ने कहा कि छात्रों की मांगें किसी व्यक्ति विशेष के हित से जुड़ी हुई नहीं हैं। उनका उद्देश्य राज्य की प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना है। उन्होंने सरकार से मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय लेने की अपील की।
आठवें दिन भी जारी है भूख हड़ताल
जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। देवेन्द्रनाथ महतो के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का रविवार को आठवां दिन रहा, जबकि छात्र सत्याग्रह 16वें दिन में पहुंच गया है। सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के बावजूद समाधान नहीं निकलने से आंदोलन आगे किस दिशा में जाएगा, इस पर अब सबकी नजर है।
इसे भी पढ़ें…….


