
लखनऊ। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के भाई और दिवंगत नेता मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के निधन की खबर सामने आते ही उत्तर प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक मतभेदों से परे विभिन्न दलों के नेताओं ने इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की और यादव परिवार के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में अक्सर सियासी बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिलते हैं, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि दुख की घड़ी में राजनीति पीछे छूट जाती है। सैफई, लखनऊ और दिल्ली समेत कई जगहों पर शोक का माहौल बना हुआ है।
प्रतीक यादव के निधन की सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का सैफई पहुंचना शुरू हो गया। वहीं अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी सोशल मीडिया और व्यक्तिगत संदेशों के जरिए अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। कई नेताओं ने इसे यादव परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि परिवार लंबे समय से सार्वजनिक जीवन का हिस्सा रहा है और इस दुख की घड़ी में पूरा संगठन परिवार के साथ खड़ा है। पार्टी कार्यकर्ताओं में भी गहरा दुख देखा जा रहा है।
विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने कहा कि वैचारिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन व्यक्तिगत दुख के समय सभी को एकजुट होकर संवेदना प्रकट करनी चाहिए। कई नेताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को इस कठिन समय में धैर्य रखने की शक्ति देने की कामना की।
प्रतीक यादव सार्वजनिक जीवन में अपेक्षाकृत कम सक्रिय रहते थे, लेकिन यादव परिवार से जुड़े होने के कारण वे हमेशा चर्चा में रहे। उनके निधन की खबर से समर्थकों और शुभचिंतकों में भी शोक का माहौल है।
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