
जयपुर। NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद चल रही जांच में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की पड़ताल में राजस्थान के जयपुर जिले से जुड़े दो भाइयों का नाम सामने आया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों ने कथित तौर पर लाखों रुपए देकर परीक्षा का प्रश्नपत्र हासिल किया था। हालांकि परिवार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
जानकारी के अनुसार, जमवारामगढ़ क्षेत्र के रहने वाले मांगीलाल और दिनेश नामक दो भाइयों पर आरोप है कि उन्होंने गुरुग्राम के एक डॉक्टर के जरिए NEET परीक्षा का पेपर खरीदा। जांच में सामने आया है कि इसके लिए करीब 25 से 30 लाख रुपए का सौदा हुआ था।
बताया जा रहा है कि कथित तौर पर प्राप्त पेपर को बाद में दिनेश ने अपने बेटे तक पहुंचाया, जो सीकर में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था। जांच एजेंसियों का दावा है कि इसके बाद यह प्रश्नपत्र अन्य छात्रों और कुछ अभिभावकों तक भी पहुंचा।
सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई है कि दिनेश बिवाल के परिवार के चार बच्चों का पिछले वर्ष NEET में चयन हुआ था। इसी आधार पर जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की भूमिका खंगाल रही हैं।
मामले में कार्रवाई करते हुए CBI ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि दोनों प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे। पूछताछ के जरिए जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है।
वहीं, परिवार ने गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपों को गलत बताया है। परिजनों का कहना है कि दिनेश सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहा है तथा उसे साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। परिवार ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
गौरतलब है कि पेपर लीक के आरोपों के बाद NTA ने 12 मई को NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जांच CBI को सौंप दी। जांच एजेंसियां राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में लगातार छापेमारी और पूछताछ कर रही हैं।
इसे भी पढ़ें…………..
