
जमशेदपुर। जिले के एमजीएम अस्पताल से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां भर्ती मरीज के लापता होने के 9 दिन बाद उसका शव अस्पताल परिसर से ही बरामद हुआ। इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक गंभीर लापरवाही का मामला उजागर हुआ है। बागबेड़ा निवासी सुनील यादव, जो इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती थे, अचानक लापता हो गए थे और अब उनका शव अस्पताल परिसर से ही बरामद किया गया है।
मृतक का शव लैब की बाउंड्री वॉल के पास कचरे के बीच पड़ा मिला, जिससे तेज दुर्गंध आ रही थी। मौके पर मक्खियों का जमावड़ा था और शव की स्थिति देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह करीब 6 से 7 दिन पुराना है। मृतक के हाथ में कैनुला लगा हुआ था, जिससे स्पष्ट है कि वह इलाज के दौरान ही गायब हुए थे।
परिजनों के अनुसार, सुनील यादव को 13 मार्च को कमजोरी के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 15 मार्च की सुबह जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तो वे अपने बेड से गायब मिले। काफी खोजबीन के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और 9 दिनों तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने हत्या की आशंका जताते हुए शव को परिसर में फेंके जाने का आरोप लगाया है।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले की हर पहलू से जांच की जाएगी। सीसीटीवी फुटेज में मरीज को 14 मार्च की रात अस्पताल के मेन गेट की ओर जाते हुए देखा गया, लेकिन इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला।
घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन हरकत में आया है। मरीजों की सुरक्षा को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनके तहत बिना अटेंडेंट वाले मरीजों को नर्स की निगरानी में ही वॉशरूम ले जाया जाएगा। साथ ही वार्ड की खिड़कियों में ग्रिल और दरवाजों में लॉक लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। यह घटना न सिर्फ अस्पताल प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता भी पैदा करती है।
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