
बलरामपुर। धान बिक्री की मेहनत की कमाई लेकर घर लौट रहे एक गरीब किसान को झांसे में लेकर दिनदहाड़े ठगी करने वाले आरोपी को राजपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी की रकम का एक हिस्सा भी बरामद किया है, जबकि एक अन्य फरार आरोपी की तलाश लगातार जारी है।
बलरामपुर पुलिस से प्राप्त विज्ञप्ति के अनुसार, घटना 2 फरवरी 2026 की है, जब ग्राम डांड खड़ुआ निवासी निबल साय अपने पुत्र के साथ सहकारी बैंक राजपुर पहुंचे थे। बैंक से 49 हजार रुपये नकद निकालने के बाद पुत्र किसी निजी कार्य से राजपुर चला गया, जबकि निबल साय अकेले पैदल अपने गांव की ओर रवाना हो गए।
इसी दौरान रास्ते में मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात युवकों ने उनसे बातचीत शुरू की। तंबाकू मांगने और बेटे का नाम पूछने के बहाने आरोपियों ने भरोसा जीत लिया। खुद को बेटे का परिचित बताकर गांव तक छोड़ने का झांसा दिया और रकम अपने पास रखने को कहा। इसके बाद मोटरसाइकिल पर बैठाकर कुछ दूरी तक ले गए और दुकान से सामान लेने का बहाना बनाकर 49 हजार रुपये लेकर फरार हो गए।
पीड़ित किसान पहले गांव लौट गया, लेकिन बाद में पुत्र के साथ थाना राजपुर पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 25/2026 के तहत धारा 318(4), 3(5) बीएनएस में मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।
CCTV फुटेज से खुलासा, आरोपी गिरफ्तार
गरीब किसान के साथ हुई ठगी को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक बलरामपुर के निर्देश पर राजपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में महत्वपूर्ण फुटेज मिला, जिसके आधार पर संदेही तक पहुंच बनाई गई।
पूछताछ में आरोपी जेल कुमार, पिता रामलाल, उम्र 27 वर्ष, निवासी ग्राम तुंगा, थाना लखनपुर, जिला सरगुजा ने अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि वह अपने साथी के साथ राजपुर होते हुए झींगो जा रहा था और रास्ते में बैंक से रुपये लेकर लौट रहे बुजुर्ग को झांसे में लेकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 20 हजार रुपये नकद बरामद किए। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। घटना में शामिल दूसरा आरोपी फरार है, जिसकी तलाश लगातार की जा रही है।
टीमवर्क से मिली सफलता
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी राजपुर के नेतृत्व में आरक्षक अमित राजवाड़े को विशेष रूप से तैनात किया गया था। सहायक उप निरीक्षक अशोक तिर्की, प्रधान आरक्षक पवन सिंह और प्रधान आरक्षक राजेंद्र ध्रुव ने भी पूरे मामले में सक्रिय भूमिका निभाई।
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